संसद ने अनिवार्य रक्षा सेवाएं विधेयक, 2021 पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच विधेयक पारित कर दिया। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक में केंद्र सरकार को अधिकार दिया गया है कि वह अनिवार्य रक्षा सेवाओं में लगी इकाइयों में हड़ताल, तालाबंदी और छंटनी पर रोक लगा सकती है। इसके जरिए औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 में संशोधन करते हुए अनिवार्य रक्षा सेवाओं को सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं में शामिल किया गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधेयक के बारे में कहा कि इससे आयुध कारखानों में सुधार होंगे और कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार की अनुमति दी जाएगी। विपक्षी शोर शराबे के बीच संक्षिप्त बहस के बाद सदन ने विधेयक पारित कर दिया।
