केन्द्र-शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर के श्रीनगर और बारामूला में रिकॉर्ड मतदान के बाद, अनंतनाग-राजौरी संसदीय क्षेत्र (पीसी) ने भी मतदान के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। अनंतनाग, पुंछ, कुलगाम और राजौरी तथा आंशिक रूप से शोपियां जिलों में शाम 5 बजे तक 51.35 प्रतिशतकुल मतदान दर्ज किया गया। कुल मतदान का यह आंकड़ा 1989 के बाद यानी 35 वर्षों में सबसे अधिक है।
इसके साथ, वर्तमान में जारी आम चुनाव 2024 में, घाटी के तीन संसदीय क्षेत्रों श्रीनगर में (38.49 प्रतिशत), बारामूला में (59.1 प्रतिशत) और अनंतनाग-राजौरी में (शाम 5 बजे तक 51.35 प्रतिशत) मतदान दर्ज किया गया है जो कई दशकों में सबसे अधिक है। कुल मिलाकर, वर्तमान आम चुनावों में घाटी के तीन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदान 50 प्रतिशत (अनंतनाग राजौरी शाम 5 बजे) है, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 19.16 प्रतिशतथा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्तों ज्ञानेश कुमार एवं सुखबीर सिंह संधू की अगुवाई में आयोग ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के लोगों ने, अनंतनाग राजौरी संसदीय क्षेत्र के मतदान में भी, लोकतंत्र में विश्वास जताया है और विरोधियों को गलत साबित कर दिया है।”
अनंतनाग-राजौरी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में 2338 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ और इसके साथ ही इन मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग भी हुई। इस संसदीय क्षेत्र (पीसी) में प्रात: 7 बजे मतदान शुरू हुआ और वोट डालने के लिए अत्यंत उत्साहित मतदाता लंबी-लंबी कतारों में अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे। सुरक्षा कर्मियों सहित मतदान कर्मियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का स्वागत शांतिपूर्ण, सुकून एवं उत्सव जैसे माहौल में किया जाए।
पिछले कुछ चुनावों में सकल मतदाता प्रतिशत
पीसी/वर्ष
2019
2014
2009
2004
1999
1998
1996
1989
अनंतनाग
8.98%
28.84%
27.10%
15.04%
14.32%
28.15%
50.20%
5.07%
भारत निर्वाचन आयोग ने इसके साथ ही दिल्ली, जम्मू और उधमपुर के विभिन्न राहत शिविरों में रहने वाले प्रवासी कश्मीरी मतदाताओं को निर्दिष्ट विशेष मतदान केंद्रों पर व्यक्तिगत रूप से मतदान करने या डाक मतपत्र का उपयोग करने का सटीक विकल्प भी दिया। जम्मू में 21, उधमपुर में 1, और दिल्ली में 4 विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अनन्तनाग-राजौरी संसदीय सीट पर एतिहासिक मतदान के लिए लोगों और चुनाव प्रबंधन से जुडे सभी चुनाव कर्मियों को बधाई दी है। उन्होंने चुनाव के दौरान केन्द्रशासित प्रदेश की सभी पांचों लोकसभा सीटों पर कडी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों की सराहना की। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मतदाताओं ने बडी संख्या में चुनाव में हिस्सा लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती प्रदान की है। जम्मू-कश्मीर में पांच संसदीय सीटों के लिए पांच चरणों में हुए चुनाव प्रक्रिया की पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी रही। 58 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया जोकि एक रिकॉर्ड है।