भारत अगले पांच वर्ष में भूटान को दस हजार करोड रुपये की सहायता प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल भूटान की यात्रा के पहले दिन कल थिम्पू में यह घोषणा की। प्रधानमंत्री ने भूटान नेतृत्व को आश्वासन दिया कि भारत, भूटान के साथ खड़ा रहेगा और उनके अद्वितीय द्विपक्ष संबंध सम्पर्क, बुनियादी ढांचे, आधारभूत अवसंरचना, व्यापार तथा ऊर्जा और उद्योग क्षेत्रों में अधिक सहयोग की सम्भावनाओं की खोज करेंगे। दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल कनेक्टिविटी, अंतरिक्ष और कृषि क्षेत्र में समझौतों किये और दोनों देशों के बीच रेल संपर्क पर समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।
हम भारत भूटान के बीच कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रेड और एनर्जी सेक्टर में नई संभावनाओं पर काम करेंगे। बेहतर और एयर कनेक्टिविटी के लिए नया एयरपोर्ट हो ग्याल्पो से कोकराझार, शांति से बनरहाट के बीच नए रेलव लिंक हो। ब्रह्मपुत्र के जरिए वॉटरवेज का संचालन हो, जल्द ही हम इन्हें तेजी से पूरा होता देखेंगे।
भूटान को भारत की आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी देते हुए विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि, इस सहायता में भारत का समर्थन भी शामिल है।
प्रधानमंत्री ने कल भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की और प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के मित्रता के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की और विकासात्मक साझेदारी के साथ-साथ सांस्कृतिक संबंधों की गहनता पर सहमति व्यक्त की।