रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज विशाखापत्तनम के नौसेना डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना के सर्वेक्षण पोत संध्याक के जलावतरण समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने सुरक्षा और व्यापार के मामले में भारतीय नौसेना की शक्ति और कौशल पर प्रकाश डाला। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना महासागरों में मुक्त व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और संभावित समुद्री डाकुओं के हमलों को रोकने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि हिंद महासागर वैश्विक व्यापार के मामले में एक हॉटस्पॉट है और भारतीय नौसेना, हिंद महासागर तथा हिंद प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के मामले में सक्रिय योगदान करने वाली बन गई है। राजनाथ सिहं ने समुद्री डकैती और तस्करी के प्रति भारत की असहिष्णुता को भी दोहराया।
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना, प्रगति के पथ पर अग्रसर भारत में संतुलित ‘आत्मनिर्भर बल’ तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पिछले वर्षों में स्वदेशी युद्धपोतों और पनडुब्बियों के निर्माण में भारतीय नौसेना के कौशल पर भी प्रकाश डाला।
आईएनएस संधायक का निर्माण जीआरएसई कोलकाता में किया गया था। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। इससे डिजाइन और युद्धपोत निर्माण में भारत की विशेषज्ञता की पुष्टि होती है।