प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मोटे अनाजों को बढ़ावा देने से छोटे किसानों और देश के युवा उद्यमियों को फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा है कि श्रीअन्न के उत्पादन से जुड़े तीन करोड़ से अधिक किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, श्रीअन्न के बारे में नई जागरुकता पैदा हो रही है तथा कई युवा श्रीअन्न से जुड़े स्टार्टअप शुरु कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात आज सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री डॉक्टर एल. मुरुगन के नई दिल्ली आवास पर आयोजित समारोह में कही। उन्होंने कहा कि गांव, फसल और किसान हर त्योहार को जोड़ते हैं। प्रधानमंत्री ने महान संत तिरुवल्लुवर की चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की शिक्षा, व्यापार में ईमानदारी और अच्छी फसल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि पोंगल के दौरान भगवान को नई फसल का भोग लगाया जाता है और इस परंपरा के केंद्र में किसान ही होता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोंगल का त्योहार एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को दर्शाता है और यही भावना काशी-तमिल संगमम तथा सौराष्ट्र-तमिल संगमम से भी परिलक्षित होती है जिनमें बड़ी संख्या में तमिलों ने भागीदारी की है। उन्होंने कहा कि एकता की भावना 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सर्वाधिक प्रभावी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंचप्राण का मूल तत्व भी देश की एकता और सुदृढता को बढ़ाना ही है। उन्होंने कहा कि पोंगल का त्योहार देश की एकता को मजबूत करने का संकल्प लेने का एक और अवसर है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कल लोहड़ी मनाई गई, आज मकर उत्तरायण है और कल मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इसके अलावा, माघ बिहू भी जल्द ही मनाई जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को इन त्योहारों की बधाइयां दी हैं।