एआरएआई ने हब और स्पोक मॉडल में इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए IIT गुवाहाटी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारतीय मोटरवाहन अनुसंधान संघ (एआरएआई) ने हब और स्पोक मॉडल में “उभरती मोटरवाह प्रणाली के लिए डिजिटल ट्विन सेंटर” नामक सामान्य इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय मोटरवाहन अनुसंधान संघ भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है।

सामान्य इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र (सीईएफसी) की स्थापना भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) की कैपिटल गुड्स योजना चरण II के अंतर्गत भारतीय मोटरवाहन अनुसंधान संघ द्वारा मिसेलियो मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक उद्योग भागीदार के साथ हब और स्पोक मॉडल में “उभरती मोटरवाह प्रणाली के लिए डिजिटल ट्विन सेंटर” शीर्षक से की जा रही है। सामान्य इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र उद्योगों में विभिन्न प्रणालियों के लिए डिजिटल ट्विन बनाकर बड़े पैमाने पर उद्योग और विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्ट-अप्स के लाभ के लिए “समर्थ उद्योग भारत 4.0” को सक्षम करेगा। छोटे उद्यमों के लिए, विशेष रूप से समाधानों के विकास और सीमित प्रौद्योगिकी अभिविन्यास के लिए सुविधाओं तक पहुंच एक चुनौती है। इसलिए, उभरती मोटरवाहन प्रणाली के लिए डिजिटल ट्विन सेंटर की स्थापना से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्ट-अप्स को अपनी आवश्यकताओं के लिए इस क्षेत्रों का उपयोग करके प्रयोग, अनुभव, कौशल बढ़ाने और समाधान खोजने में सहयता मिलेगी।

इन सुविधाओं का उपयोग उद्योगों में प्रौद्योगिकियों के विकास, प्रयोग, डिजाइन और सिमुलेशन और सत्यापन के लिए किया जा सकता है।

डिजिटल ट्विन प्रणाली के घटक निम्नलिखित हैं:

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) मॉडल की प्रभावी ट्यूनिंग के लिए डेटा और पर्यावरण का डिजिटलीकरण

प्रणाली के विकास एवं प्रशिक्षण के लिए डेटा का डिजिटलीकरण

एचआईएल फार्म

नियंत्रण विकास एवं सत्यापन के लिए प्रणालियों का डिजिटलीकरण

सामग्री विकास और विनिर्माण प्रक्रिया का डिजिटलीकरण

भौतिक प्रोटोटाइप की आवश्यकता के बिना सामग्री विकास और लक्षण वर्णन  पूरी सुविधा हब और स्पोक माध्यम से स्थापित की जा रही है

हब: पुणे        

स्पोक1: बेंगलुरु

स्पोक 2: गुवाहाटी

डिजिटल ट्विन प्रणाली के परिणाम निम्नलिखित हैं:

डिजिटल ट्विन के निर्माण से प्रणाली विकास के लिए समग्र विकास समय कम हो जाता है।

प्रोटोटाइप तैयार होने से पहले भी प्रणाली का सत्यापन हो सकता है।

विभिन्न अनुप्रयोग क्षेत्रों के लिए विकास चक्र में फ्रंट लोडिंग डिजिटलीकरण।

प्रौद्योगिकी अवशोषण, इसे स्वयं करने, संभालने और प्रयोग करने के लिए अनुभव केंद्र।

ये कुछ बाज़ार नमूनों तक प्रायोगिक विनिर्माण का भी समर्थन करेंगे।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की दिमागी ताकत का उपयोग करके स्टार्ट अप, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और शिक्षा जगत को जोड़ना।

डिज़ाइन और सिमुलेशन के लिए टूलींग समर्थन।

उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए प्रदर्शन, जागरूकता, अनुभव केंद्र, प्रशिक्षण, परामर्श, विभिन्न भारतीय स्टार्ट-अप और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को सहायता प्रदान करना।

विभिन्न स्थानों से उपकरणों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए हब और स्पोक को डिजिटल रूप से जोड़ा जा रहा है।

स्पोक 2: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी

स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास के लिए उन्नत डिजिटल ट्विन प्रणाली के क्षेत्रों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी में स्पोक 2 की स्थापना की जा रही है। ये सुविधाएं इंजीनियरिंग, मोटरवाहन, ड्रोन, सौर, एयरोस्पेस जैसी अन्य पूंजीगत वस्तुओं का समर्थन करेंगी।

भारतीय मोटरवाहन अनुसंधान संघ (एआरएआई) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग टूल के साथ-साथ स्पोक 2 के साथ आईसीएमई सॉफ्टवेयर तक पहुंच के लिए हब और स्पोक 1 के साथ एक डिजिटल कनेक्टिविटी भी स्थापित करेगा।

नियंत्रण प्रणालियों के विकास और सत्यापन के लिए डिजिटल ट्विन निर्माण को सक्षम करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी में एक सामान्य प्रयोजन एचआईएल प्रणाली स्थापित की जाएगी।

सीईएफसी का उपयोग धातु, कंपोजिट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग आदि से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में नई सामग्रियों के विकास, सामग्री लक्षण वर्णन, विनिर्माण प्रक्रिया सिमुलेशन के लिए भी किया जाएगा।

प्रणाली विकास और प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए डेटा को डिजिटल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग टूल का उपयोग किया जाएगा। यह विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए विकास चक्र में डिजिटलीकरण के उपयोग में सहायताकरता है।

स्थापित की जा रही सुविधाएं सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस/मशीन लर्निंग, नियंत्रण प्रणाली आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों की पूर्ति कर रही हैं, जिनके विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अनुप्रयोग हैं। इन सुविधाओं का उपयोग करके विकसित की जा रही प्रौद्योगिकियां बेहतर गुणवत्ता के साथ अपनी श्रृंखला के उत्पादन में तेजी लाएंगी जिससे समर्थ उद्योग भारत 4.0 को सक्षम बनाया जा सकेगा।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी उपकरण के लिए आवश्यक स्थान, बुनियादी ढांचा, उपयोगिताएँ देगा और बदले में उन्हें अपनी शैक्षिक और अनुसंधान गतिविधियों के लिए सिस्टम तक पहुंच प्राप्त होगी।

प्रणाली का उद्देश्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में उपलब्ध ज्ञान का लाभ उठाकर उद्योग ईको-सिस्टम (एचयूबी के एमएसएमई और स्पोक के स्टार्ट अप) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के माध्यम से शिक्षा जगत के बीच तालमेल बनाना है।

संपूर्ण सीईएफसी स्टार्ट अप, एमएसएमई और संबंधित ईको-सिस्टम की सेवा करके आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में काम करेगा।

विद्यार्थियों, संकाय और शिक्षा जगत के अन्य हितधारकों की शैक्षिक और अनुसंधान गतिविधियों में मदद करने के लिए शिक्षा जगत के लिए विभिन्न अनुप्रयोगों, अनुभवात्मक केंद्रों, उपयोग के लिए तैयार प्रयोगों, प्रशिक्षण सामग्री के लिए आधार प्रदर्शन मॉडल का निर्माण करेगा।

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