तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरई मुरुगन ने कहा है कि कर्नाटक सरकार को कावेरी ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुसार कावेरी से तमिलनाडु को पानी छोड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि फैसले के अनुसार कर्नाटक, कावेरी से 15 दिनों के लिए 5000 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए बाध्य है। मंत्री ने कहा कि चूंकि तमिलनाडु ने इस मुद्दे पर कानूनी समाधान मांगा है, इसलिए कर्नाटक के साथ बातचीत करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की स्थिति को ध्यान में रखे बिना तमिलनाडु को पानी दिया जाना चाहिए अन्यथा यह न्यायालय की अवमानना होगी। दुरई मुरुगन ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप पानी छोड़े जाने से किसानों को लाभ होगा।
Related posts
DRI की ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के अंतर्गत कोच्चि, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में नशीली दवाओं और साइकोट्रॉपिक पदार्थों की बड़ी मात्रा ज़ब्त की, 5 लोग गिरफ़्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत केरल में नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी...
1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता फैलाने...
शादी की खुशियां शुरू होने से पहले ही मातम में बदल गईं, जब विवाह के कुछ घंटों के भीतर पायलट दूल्हे की मौत की खबर ने परिवार को झकझोर दिया।
दुल्हन की आंख खुली तो सीने पर था पायलट पति का शव, शादी के कुछ घंटे...