गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर की वर्तमान स्थिति पर चर्चा के लिए आज नई दिल्ली में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अन्य लोगों के अतिरिक्त भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, संसदीय कार्यमंत्री पह्लाद जोशी, मेघायल के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा, तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन, शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद जॉन ब्रिटास ने भाग लिया।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में भाजपा नेता संबित पात्रा ने बताया कि बैठक के दौरान गृह मंत्रालय ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि मणिपुर में हिंसा क्यों हुई और इससे निपटने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी दलों ने राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर अपनी चिंताओं से गृह मंत्री को अवगत कराया।
मणिपुर में पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से हिंसक घटनाएं हो रही हैं। गृहमंत्री ने पिछले महीने मणिपुर का दौरा किया था और राज्य में शांति बहाल करने के लिए लोगों के विभिन्न वर्गों से मुलाकात की थी। मणिपुर में अपने प्रवास के दौरान अमित शाह ने कहा था कि विरोधी गुटों द्वारा एक-दूसरे के विरुद्ध कार्रवाई रोकने संबंधी समझौते के किसी भी उल्लंघन से सख्ती से निपटा जाएगा। गृहमंत्री ने हथियार रखने वाले लोगों से अपने हथियार पुलिस को सौंपने का आग्रह किया।