मंत्रिमंडल ने आई टी हार्डवेयर क्षेत्र के लिए उत्पादन से सम्बद्ध प्रोत्साहन योजना के दूसरे चरण को स्वीकृति दी है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौदयोगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये योजना छह वर्ष के लिए है।
आई टी हार्डवेयर का भी बहुत ही कॉम्प्लैक्स इकोसिस्टम है। आई टी हार्डवेयर की फर्म्स को, कम्पनीज को इंडिया में लाएं, उनको लोकेलाइज करने के लिए इंसेंटिव दिया जाए। कैसे उनका कॉम्पोनेंट का इकोसिस्टम इंडिया में बने। कैसे हमारी इंडियन कम्पनीज एक सिस्टेमैटिक वे में ग्रो हो, जिससे कि उनके बीच कैपेबिलिटीज बढे, उनकी कैपेसिटी बढ़े और फ्यूचर में डिजाइन और मैन्युफैक्चरिेंग का कॉम्बिनेशन करके इंडियन ब्रांड्स डेवलप हो। इन सबको ध्यान में रखते हुए बहुत ये कॉम्प्रिहैंसिव प्रोग्राम आज अप्रूव हुआ है।
अश्विनी वैष्णव ने इस योजना के माध्यम से 75 हजार प्रत्यक्ष रोजगार सहित दो लाख से अधिक रोजगार सृजित होने का विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्ष में इलेक्ट्रॉनिकी विनिर्माण क्षेत्र में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस साल एक बडा लैंडमार्क क्रॉस किया है, 100 बिलियन डॉलर्स का, 105 बिलियन डॉलर इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्शन देश में इस साल हुआ है। मोबाइल में भी एक बहुत बडा लैंडमार्क क्रॉस हुआ, 10 बिलियन डॉलर एक्सपोर्ट का, पिछले साल 11 बिलियन डॉलर एक्सपोर्ट हुआ मोबाइल फोन और वर्ल्ड में सेकेंड लारजेस्ट मोबाइल मैन्युफैक्चरिेंग कंट्री के तौर पे इंडिया इमर्ज हुआ है।