भारत और यूएई के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता होने के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह समझौता एक मई 2022 को अमल में आया था और ग्यारह महीनों के भीतर ही भारत से यूएई को निर्यात लगभग 12 प्रतिशत बढकर 31 अरब डॉलर के पार हो गया।
इस समझौते का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग सचिव सुनील बर्थवाल ने नई दिल्ली में कहा कि श्रम की गहनता वाले अनेक क्षेत्र और कई उभरते क्षेत्रों में व्यापार में वृद्धि हुई है। उन्होंने आशा जताई कि सीईपीए के शुरू होने के पांच वर्ष के भीतर भारत और यूएई के बीच व्यापार 50 अरब डॉलर तक पहुंच जायेगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार यूएई से भारत में आयात बीते वित्त वर्ष में तेल आयात की मात्रा बढने से 18 दशमलव पांच प्रतिशत बढा है। मंत्रालय ने बताया कि वाहन, वाष्पशील तेल, खनिज ईंधन, इलैक्ट्रिकल मशीनरी, रत्न और आभूषण ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं जिन्हें सीईपीए से लाभ पहुंचा है। यूएई से सर्वाधिक आयात विमान, अंतरिक्षयान के कलपुर्जे, लौह और इस्पात क्षेत्रों में हुआ है।