उदयपुर में राजस्थान सौर वेधशाला में विकसित हाई एनर्जी एल-1 ओर्बिटिंग एक्सरे स्पेक्टरोमीटर-हीलियोस को आदित्य एल-वन उपग्रह में समेकित किया गया है। हीलियोस नई पीढ़ी का स्पेक्ट्रोमीटर है जो सूर्य के कोरोना में गतिशील घटनाओं का अवलोकन करेगा।
आदित्य एल-वन मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो की अत्यधिक प्रतिष्ठित परियोजना है। सूर्य के लिए यह भारत का पहला मिशन है। उदयपुर में बुधवार को आदित्य एल-वन मिशन पर तीन दिन की कार्यशाला सम्पन्न हुई। इस अवसर पर अहमदाबाद भौतिकी अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक प्रोफेसर अनिल भारद्वाज ने कहा कि हीलियोस और आदित्य में लगे अन्य उपकरण विभिन्न प्रकार के उपयोगी आंकड़े उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से वैज्ञानिक जगत को बहुत लाभ होगा।