उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि भारत आज विश्व का सर्वाधिक जीवंत लोकतंत्र है। कल नई दिल्ली में राइजिंग इंडिया शिखर सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र ही नहीं लोकतंत्र की जननी भी है। उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाएं मजबूत और स्वतंत्र है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमें राष्ट्र को सबसे पहले रखना होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी हित, व्यापार या अन्य कोई कार्य राष्ट्र हित से ऊपर नहीं हो सकता। विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उलब्धियां हासिल करने वाले भारतीयों के प्रति सम्मान के रूप में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सभी लोगों से देश की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर गर्व करने की शपथ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सबको एहसास हो जाना चाहिए कि लोकतंत्र में कोई भी किसी भी आधार पर यह दावा नहीं कर सकता कि वह कानून की पहुंच से ऊपर है। उन्होंने कहा कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो कानून उससे भी बड़ा है।
भारत आज विश्व का सर्वाधिक जीवंत लोकतंत्र है: उपराष्ट्रपति धनखड़