ADB और भारत ने असम में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए 300 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए

ADB और भारत ने असम में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए 300 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और भारत सरकार ने असम में 300 किलोमीटर से अधिक राज्य राजमार्गों और प्रमुख जिला सड़कों (एमडीआर) को अपग्रेड करने के लिए 300 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस असम दक्षिण एशिया उप-क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग (एसएएसईसी) कॉरिडोर कनेक्टिविटी सुधार परियोजना के लिए वित्त मंत्रालय में आर्थिक कार्यक्रम विभाग के अतिरिक्त सचिव रजत कुमार मिश्रा ने भारत सरकार की तरफ से हस्ताक्षर किए और एडीबी इंडिया के निवासी मिशन के प्रभारी अधिकारी निलय मिताश ने एडीबी की ओर से हस्ताक्षर किए।

इस ऋण समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद रजत कुमार मिश्रा ने कहा कि ये परियोजना राज्य राजमार्ग और एमडीआर नेटवर्क के प्राथमिकता वाले खंडों की गुणवत्ता और सेवा बढ़ाने और महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर अंतरालों को भरने के लिए असम सरकार के असम माला सड़क सुधार कार्यक्रम का समर्थन करती है।

निलय मिताश ने कहा, “इस परियोजना के माध्यम से विकसित बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित सड़क नेटवर्क इस राज्य के कम विकसित क्षेत्रों के लोगों की बाजारों और सेवाओं की तरफ गतिशीलता और पहुंच को बढ़ाएंगे जिससे विकास को रफ्तार मिलेगी और ये एसएएसईसी क्षेत्र के लिए विकास उत्प्रेरक के रूप उसकी क्षमता में योगदान करेगा।”

इस राज्य के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में छह सड़क खंडों सहित इस परियोजना के तहत जो सड़कें अपग्रेड की जानी हैं वे भारत को भूटान और बांग्लादेश से जोड़ने वाले एसएएसईसी कॉरिडोर से जुड़ी हैं। इनसे सीमा पार व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ये परियोजना सड़क, रेल, अंतर्देशीय जलमार्ग और हवाई परिवहन सुविधाओं के लिए जोगीघोपा में बनाए जा रहे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और सिलचर में प्रस्तावित एक अन्य पार्क में भी सहायक होगी।

ये परियोजना राज्य के राजमार्गों और प्रमुख जिला सड़कों का एक लेन से दो लेन तक विस्तार करेगी और नए जलवायु और आपदा-प्रतिरोधी ढांचों का निर्माण करेगी। ये फुटपाथों और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को स्थापित करेगी, बाढ़ वाले क्षेत्रों में राजमार्गों को ऊपर उठाएगी, और पहाड़ी व पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन रोकथाम वाले ढांचों को बनाएगी।

इससे प्रभावित स्थानीय लोगों के गांवों में सामुदायिक स्कूल, पानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता सुविधाएं, और विरासत व पर्यटन स्थलों को बहाल किया जाएगा। परियोजना क्षेत्रों में वन्यजीवों और आवासों की सुरक्षा के लिए वायाडक्ट ढांचे बनाए जाएंगे ताकि हाथियों के आवासों में मानव-हाथी संघर्ष से बचा जा सके। इसके अलावा सामुदायिक सड़क का उपयोग करने वालों, ड्राइवरों, मोटरसाइकिल सवारों, स्कूली शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा के बारे में सूचित और प्रशिक्षित किया जाएगा। ये परियोजना असम लोक निर्माण (सड़क) विभाग की क्षमता को मजबूत करेगी जिससे वो सड़क संपत्तियों के प्रबंधन, सड़क परियोजनाओं में जलवायु और आपदा लचीलापन को एकीकृत करने और पर्यावरण, पुनर्वास व स्वदेशी लोगों की चिंताओं जैसे सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने में सक्षम हो सके।

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