बारहवीं रक्षा प्रदर्शनी आज से गुजरात के अहमदाबाद और गांधीनगर में शुरू हो रही है। इस का आयोजन दो वर्ष में एक बार किया जाता है। प्रदर्शनी में सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम और उद्योग, सशस्त्र बलों के लिए रक्षा उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। पांच दिन की यह प्रदर्शनी 22 अक्तूबर तक चलेगी। एक रिपोर्ट-
इस बार रक्षा प्रदर्शनी का विषय है – गौरव पथ। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को एक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इस आयोजन से भारतीय अंतरिक्ष वैमानिकी और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए देश-विदेश के ग्राहकों के साथ साझेदारी और समन्वय से यह लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। डिफेंस-एक्सपो के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने साज़ो-सामान और क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही भारतीय रक्षा उद्योग के लिए व्यापारिक साझेदारी के द्वार खुलेंगे। प्रदर्शनी के तहत सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक बल तथा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनी में रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पाद विभाग के भारतीय मंडप में स्वदेशी रक्षा उत्पाद, स्टार्ट-अप, रक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नवीनतम तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनी में निजी उद्योग, स्टार्टअप और कई राज्य सहित एक हजार से तीन सौ से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। समाचार कक्ष से फरहत नाज़।
प्रदर्शनी के बारे में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि इस बार का डेफएक्सपो अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है। यह रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक समय रक्षा उत्पादों का बड़ा आयातक था, अब वह रक्षा उत्पादों का निर्यात करने वाले विश्व के 25 शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है।
अमृतकाल की प्रारंभिक बेला में इस डेफएक्सपो का आयोजन अगले 25 वर्षों में एरोस्पेस एंड डिफेंस सेक्टर में अग्रणी देशों में शामिल होने के भारत के संकल्प को दर्शाता है। हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की डायनेमिक लीडरशिप में भारत के डिफेंस सेक्टर में भी पिछले कुछ वर्षों में पूरे संपर्ण के साथ पाथ टू पराइड की तरफ कदम अपने आगे बढाए हैं। हमारे डिफेंस सेक्टर वैश्विक स्तर पर डिजाइन, डेवेल्पमेंट और मैन्यूफेक्चरिंग में महारथ हासिल करने की ओर तेजी के साथ आगे बड़ा है।