प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मन प्रेसीडेंसी के तहत G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी पहुंचे। वे जर्मनी में श्लॉस (SCHLOSS) एलमाऊ में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जी-7 महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिये सहयोगी लोकतांत्रिक देशों को एक मंच प्रदान करता है। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री वापसी में संयुक्त अरब अमीरात में कुछ समय रुकेंगे और संयुक्त अरब अमीरात के पूर्व राष्ट्रपति और अबू धाबी के पूर्व शासक शेख खलीफा बिन ज़ायेद अल नाहयान के निधन पर अपनी व्यक्तिगत संवेदना व्यक्त करेंगे। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच संबंध शुरू से ही काफी मजबूत रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले महीने भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी विचार-विमर्श के बाद फिर से जर्मनी के चांसलर ऑल्फ शॉल्ज़ (Olaf Scholz) से मिलने में उन्हें खुशी होगी। जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा से पहले एक बयान में श्री मोदी ने कहा कि वे जर्मनी के चांसलर के निमंत्रण पर जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने श्लॉस एलमाऊ जा रहे हैं। जर्मनी ने मानवता को प्रभावित करने वाले कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के प्रयास में अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, सेनेगल और दक्षिण अफ्रीका जैसे लोकतांत्रिक देशों को भी जी-7 सम्मेलन में आमंत्रित किया है।
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर्यावरण, ऊर्जा, जलवायु, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, आतंकवाद से निपटने और लोकतंत्र सहित अन्य विषयों पर जी-7 समूह के देशों, उसके सहयोगी देशों और आमंत्रित अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ अपने विचार साझा करेंगे।