रक्षामंत्री ने भारत को रक्षा विनिर्माण केन्‍द्र के रूप में विकसित करने के लिए तीसरी सकारात्‍मक स्‍वदेशीकरण सूची जारी की

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारत को रक्षा विनिर्माण केन्‍द्र के रूप में विकसित करने के लिए आज नई‍ दिल्‍ली में तीसरी सकारात्‍मक स्‍वदेशीकरण सूची जारी की। इस सूची में जटिल उपकरणों और प्रणालियों सहित एक सौ से अधिक साजो-सामान शामिल हैं, जिन्‍हें अगले पांच वर्षों में विकसित और अनुबंध पर तैयार किया जाएगा।

इस अवसर पर रक्षामंत्री ने कहा कि तीसरी सूची का जारी होना रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है। उन्‍होंने इस बात पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की कि पहली और दूसरी स्‍वदेशीकरण सूचियों के आधार पर अब तक लगभग 54 हजार करोड़ रुपये का अनुबंध किया गया है, और इसके अगले पांच से सात वर्षों में चार लाख 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की आशा है। रक्षामंत्री ने कहा कि देश रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बनने के लिए लगातार आगे बढ रहा है।

तीसरी सूची में सैंसर, हथियार, गोला-बारूद, रॉकेट, नौसेना के लिए हैलीकॉप्‍टर, गश्‍ती जहाज, पोतरोधी मिसाइल और विकिरणरोधी मिसाइल जैसे रक्षा उपकरण शामिल किये गये हैं।

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