केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने छह पश्चिमी राज्‍यों और केन्‍द्रशासित प्रदेशों में स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल तैयारियों तथा राष्‍ट्रीय टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज पश्चिमी भारत के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ जनस्‍वास्‍थ्‍य तैयारियों और राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की। ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं– महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, गोवा, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे की नियमित समीक्षा करने, हर जिले में टेली-परामर्श केंद्र स्थापित करने और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में व्यापक जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया।

कोविड महामारी से निपटने के लिए जांच, पहचान, उपचार, टीकाकरण और कोविड उपयुक्‍त व्यवहार के महत्व को दोहराते हुए, डॉ मांडविया ने कहा कि महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समग्र तालमेल सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने देश भर में बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत कोविड आपातकालीन प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज के दूसरे चरण के अंतर्गत सहायता प्रदान की है। उन्होंने राज्यों से पैकेज के तहत प्रदान की गई धनराशि का कुशलतापूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को यह भी सुझाव दिया गया कि बिस्‍तरों की उपलब्‍धता, पीएसए संयंत्रों और ऑक्सीजन उपकरणों जैसे बुनियादी ढांचे की परिचालन स्थिति को नियमित आधार पर अद्यतन किया जाए। डॉ. मांडविया ने आवश्यक दवाओं के बफर स्टॉक की समीक्षा करने की भी सलाह दी।

केंद्रीय मंत्री ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष रूप से कम टीकाकरण वाले क्षेत्रों और जिलों में सभी पात्र आबादी का टीकाकरण बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने पात्र लोगों को टीके की एहतियाती खुराक देने पर जोर दिया। उन्होंने 15 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के टीकाकरण में तेजी लाने को भी कहा।

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