केंद्रीय सतर्कता आयोग संशोधन विधेयक राज्यसभा में पारित

केंद्रीय सतर्कता आयोग संशोधन विधेयक राज्यसभा में पारित

सूचीबद्ध कार्य पूरा करने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही आज दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दो बजे दोपहर के भोजन के बाद जब सदन की बैठक शुरू हुई, तो दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा हुई, जिसे बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह के जवाब के बाद उच्च सदन में पारित कर दिया गया। उसके बाद एक और विधेयक, केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) विधेयक 2021 को विचार और पारित करने के लिए रखा गया। चर्चा के बाद बिल पास कर दिया गया।

उसके बाद सभापति ने विशेष उल्लेखों के दौरान अपने मुद्दों को उठाने के लिए कुछ सदस्यों के नाम लिए, लेकिन वे सदन में मौजूद नहीं थे। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

इससे पहले, जब सभापति एम वेंकैया नायडू ने शून्यकाल पूरा होने पर प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की तो विपक्षी सदस्यों ने 12 सदस्यों के निलंबन का मुद्दा उठाया और इसे निरस्त करने की मांग की। सभापति नायडू ने आंदोलनकारी सदस्यों से सदन को चलने देने का आग्रह किया लेकिन कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और द्रमुक सहित विपक्षी सदस्य सदन के बीचों-बीच आ गए और नारेबाजी करने लगे। सभापति ने आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह के व्यवहार पर भी आपत्ति जताई और मार्शल से उन्हें बाहर निकालने को कहा। इस बीच, सभापति को शोर-शराबे के कारण सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

इससे पहले, जब दिन में सदन की बैठक शुरू हुई, तो संबंधित मंत्रियों और सदस्यों ने दस्‍तावेज प्रस्‍तुत किए। इसके बाद, सभापति नायडू ने शून्यकाल शुरू किया लेकिन विपक्षी सदस्यों ने निलंबित सदस्‍यों का मुद्दा उठाया। सभापति ने सदस्यों से शून्यकाल शुरू करने की अपील की क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण है। शोर-शराबे के बीच विभिन्न सदस्यों ने जनहित से जुड़े मामलों को उठाया।

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