वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में आया तेज आर्थिक सुधार मजबूती का सूचक है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बावजूद भारत अभी भी विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
सीआईआई वैश्विक आर्थिक नीति सम्मेलन-2021 के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि यदि सेमीकंडक्टर और शिपिंग कंटेनर की कमी न होती तो भारत के ऑटो क्षेत्र में बिक्री भी मजबूत रहती।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कौशल का महत्व बढ़ गया है और उद्योग जगत इस बात को मानने लगा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश के बैंकिंग क्षेत्र में भी महामारी के बाद सराहनीय सुधार हुआ है और भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि के लिए स्टार्टअप समेत नए युग के उद्योग बहुत महत्वपूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत कॉप-26 सम्मेलन में दिए गए अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय उद्योग से आग्रह किया कि वे हरित ईंधनों में क्षमता और निवेश बढ़ाकर कॉप-26 लक्ष्यों को पूरा करने में देश की मदद करें। उन्होंने कहा कि सरकार देश में निजी उद्योगों के लिए नियमों के पालन का बोझ कम करने की दिशा में काम कर रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऋणों को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत चार-पांच श्रेणियों में 75 हजार करोड रुपए से अधिक राशि वितरित की जा चुकी हैं।