हिमाचल प्रदेश सरकार ने लगभग एक दशक में इस मौसम में सर्वाधिक मात्रा में सेबों की खरीद की है। फलों की बिक्री संचालित करने वाली राज्य सरकार की संस्था एचएमपीसी और हिमफेड ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत सेबों की खरीद की। इन दोनों संस्थाओं ने इस साल 70 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदा। एचएमपीसी ने 35 हजार मीट्रिक टन और हिमफेड ने 33 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदे। पिछले एक दशक में हिमफेड की यह सर्वाधिक मात्रा में सेबों की खरीद है। एचएमपीसी ने भी पिछले एक दशक में पहली बार रिकॉर्ड मात्रा में सेबों की खरीद की है। एचएमपीसी सेबों की खरीद का एक हिस्सा जूस और जैम बनाने के लिए इस्तेमाल करता है जबकि बाकी सेब परवानू में नीलाम कर दिये जाते हैं। आकाशवाणी के साथ विशेष बातचीत में हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री वीरेन्दर कंवर ने बताया
हिमाचल प्रदेश के अंदर सेब हिमाचल की एक बहुत बड़ी आर्थिकी है, जिसमें किसान जो हैं, वो पूरी तरह से सेब के ऊपर जो है वो निर्भर करते हैं। इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में सेब की एक बम्पर क्रॉप जो है हुई है। उसमें हमने एमआईएस के माध्यम से जहां हिमफेड ये एजेंसी ने जो प्रोक्यूरमेंट की है, इसमें 23 हज़ार मीट्रिक टन हमने सेब जो है इस बार परचेज किया है और उसी तरह से जो हमारी जो दूसरी एजेंसी है एचपीएमसी उसने 35 हज़ार मीट्रिक टन सेब जो है वो खरीदा है। यानी कुल हमने 58 हज़ार मीट्रिक टन सेब जो है वो इस बार एमआईएस के माध्यम से खरीदा, जो बिल्कुल खराब सेब होता है, उसको सरकार जो है वो किसानों की भलाई के लिए जो है उठाती है।