हरियाणा राज्य केंद्र सरकार की अग्रणी योजना जल जीवन मिशन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस योजना का उद्देश्य 2024 तक देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पीने योग्य पानी उपलब्ध कराना है। भिवानी, सोनीपत और चरखी दादरी जिलों को “हर घर जल” का दर्जा मिलने के बाद प्रदेश के 22 में से 12 जिलों ने इस मिशन के तहत लक्ष्य हासिल कर लिया है। जिन नौ अन्य जिलों ने पहले ही “हर घर जल” लक्ष्य प्राप्त कर लिया है उनमें अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत और रोहतक हैं। इसके अतिरिक्त शेष 10 जिलों में से 6 जिलों ने भी लक्ष्य का 98 प्रतिशत से अधिक हासिल कर लिया है और आशा है कि यह 6 जिले शीघ्र ही स्वयं को “ हर घर जल” जिला घोषित करेंगे।
जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने हरियाणा के भिवानी, सोनीपत और चरखी दादरी जिलों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य के सभी जिलों में शत-प्रतिशत लक्ष्य समय सीमा-2024 से पहले पूरा हो जाएगा। रतन लाल कटारिया ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2021-22 में जल शक्ति मंत्रालय ने हरियाणा को 1152.19 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिनमें से 256.81 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्रदेश को पहले ही जारी की जा चुकी है। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा सभी राज्यों में योजना की प्रगति पर बारीकी से निगरानी रखने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
रतन लाल कटारिया ने बताया कि पेयजल आपूर्ति के सार्वभौमिक कवरेज के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए पूरा मंत्रालय अथक रूप से काम कर रहा है। इस कदम से ग्रामीण महिलाओं के कठिन परिश्रम में काफी कमी आएगी क्योंकि उन्हें घरेलू उपयोग के लिए पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
रतन लाल कटारिया ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों को स्वीकार करते हुए कहा कि यद्यपि इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2024 है लेकिन मुख्यमंत्री ने इस काम में आगे बढ़ कर नेतृत्व किया और केंद्र को वर्ष 2022 तक इस योजना को लागू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्रियान्वयन की वर्तमान गति को देखते हुए ऐसा लगता है कि हरियाणा 2021 के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से “जल जीवन मिशन” की घोषणा की थी। इस योजना के तहत देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 2024 तक क्रियाशील नल जल कनेक्शन के माध्यम से प्रति दिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर पेयजल प्राप्त करने का लक्ष्य है। यह योजना लॉन्च किए जाने के समय देश के कुल 18.94 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 3.23 करोड़ परिवारों तक ही पानी के कनेक्शन पहुंचे थे। अब यह आंकड़ा7.63 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक पहुंच गया है, जिसका अर्थ यह है कि अतिरिक्त 4.40 करोड़ ग्रामीण परिवारों को दो वर्ष से कम समय में वांछित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। अब तक गोवा, तेलंगाना, अंडमान निकोबार और पुडुचेरी में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। इस योजना के तहत अब तक देश के कुल 67 जिले पूरी तरह से कवर किए जा चुके हैं।
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