सुप्रीम कोर्ट ने चार वर्ष बाद महाराष्ट्र में बैलों की दौड़ फिर शुरू करने की अनुमति दे दी है। यह अनुमति कर्नाटक और तमिलनाडु में पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम संशोधन अधिनियम की शर्तों और नियमों के अनुसार की दी गई है। महाराष्ट्र सरकार ने पिछले बुधवार को उच्चतम न्यायालय से राज्य में बैलों की दौड से प्रतिबंध हटाने का अनुरोध किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में देशभर में जलिकट्ट, बैलों की दौड और बैलगाडी दौड पर प्रतिबंध लगा दिया था। अदालत ने इन दौडों में पी.सी.ए. अधिनियम का उल्लंघन बताया था, लेकिन कर्नाटक और तमिलनाडु ने बैलों की दौड को अनुमति देने के लिए पी.सी.ए. अधिनियम में संशोधन किया था। यह मामला अब भी उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।