सरकार भारत को एक विनिर्माण केन्‍द्र बनाने के लिए रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए उत्‍पादन आधारित प्रोत्‍साहन पर विचार करेगी: निर्मला सीतारमण

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार भारत को एक विनिर्माण केन्‍द्र बनाने के लिए रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए उत्‍पादन आधारित प्रोत्‍साहन – पी एल आई पर विचार करेगी। निर्मला सीतारमण ने नई दिल्‍ली में आयोजित वैश्विक रसायन और पेट्रोकेमिकल विनिर्माण केन्‍द्रों पर तीसरे शिखर सम्‍मेलन को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि इस क्षेत्र का मौजूदा आकार अर्थव्‍यवस्‍था पर बडा असर डालेगा, क्‍योंकि बाजार में इसके 80 हजार उत्‍पाद हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत में बडा वैश्विक बाजार होने के कारण विश्‍व वैकल्पिक निवेश स्‍थानों के लिए भारत की ओर देख रहा है।

पी.एल.आई. योजना के कारण देश में उत्‍पादन, रोजगार सृजन और निर्यात में बडी वृद्धि हुई है। सरकार ने अपनी उत्‍पादन क्षमताओं को सशक्‍त बनाने के लिए एक लाख 97 हजार करोड रुपये के बजट के साथ 14 क्षेत्रों में इस योजना को कार्यान्‍वित किया है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत ने 2047 तक ऊर्जा के क्षेत्र में आत्‍मनिर्भर बनने और 2070 तक शून्‍य कार्बन उत्‍सर्जन का लक्ष्‍य निधारित किया है। उन्‍होंने कहा कि शून्‍य कार्बन उत्‍सर्जन के लक्ष्‍य को प्रत्‍येक उद्योग और क्षेत्र के योगदान के बिना प्राप्‍त करना संभव नहीं है। उन्‍होंने कहा कि सरकार हरित विकास पर ध्‍यान केन्द्रित कर रही है।

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