भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अपशिष्ट बैटरियों का पर्यावरणीय रूप से ठोस प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए 24 अगस्त, 2022 को बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 को प्रकाशित किया।
इन नियमों की अधिसूचना दरअसल 15 अगस्त, 2021 को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई घोषणा पर अमल की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है, ताकि सर्कुलर या चक्रीय अर्थव्यवस्था को गंभीरतापूर्वक बढ़ावा दिया जा सके।
नए नियम दरअसल बैटरी (प्रबंधन एवं संचालन) नियम, 2001 का स्थान लेंगे।
इन नियमों में सभी तरह की बैटरियों जैसे कि इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी, पोर्टेबल बैटरी, ऑटोमोटिव बैटरी और औद्योगिक बैटरी को कवर किया गया है।
ये नियम विस्तारित निर्माता उत्तरदायित्व (ईपीआर) की अवधारणा के आधार पर कार्य करते हैं, जिनके तहत बैटरी के निर्माता (आयातकों सहित) अपशिष्ट बैटरियों के संग्रह और पुनर्चक्रण/नवीनीकरण और कचरे से प्राप्त सामग्री का उपयोग नई बैटरियों में करने के लिए जिम्मेदार हैं।
इन नियमों के तहत अपशिष्ट बैटरियों के संग्रह और पुनर्चक्रण/नवीनीकरण में नए उद्योगों की स्थापना और उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया गया है।
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