केंद्र सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आज उत्तराखंड राज्य के देहरादून और नैनीताल शहरों में सुरक्षित और किफायती पेयजल आपूर्ति और संपूर्ण शहर में समावेशी स्वच्छता सेवाओं तक पहुंच में सुधार के लिए 125 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के अपर सचिव रजत कुमार मिश्रा जबकि एडीबी के इंडिया रेजिडेंट मिशन के कंट्री निदेशक ताकेओ कोनिशी ने एकीकृत उत्तराखंड और लचीली शहरी विकास परियोजना के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
ऋण समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, रजत कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को देखते हुए यह परियोजना तेजी से विस्तारित हो रही राजधानी देहरादून और नैनीताल में शहरी सेवाओं के उन्नयन की आवश्यकता का समाधान करती है। रजत कुमार मिश्रा ने कहा कि बेहतर जल और स्वच्छता सेवाएं बेहतर स्वच्छता कार्यप्रणालियों को भी बढ़ावा देंगी जो लोगों को किसी भी तरह की संभावित भविष्यगत महामारी और संक्रामक रोगों से बचाने में मदद करेंगी।
ताकेओ कोनिशी ने कहा कि यह परियोजना दो नगरों में जलापूर्ति और स्वच्छता सेवा (डब्ल्यूएसएस) में सुधार के लिए एडीबी की पिछली सहायता की पूरक है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले सेवा वितरण को सुनिश्चित करने और इसे लागत प्रभावी बनाने के लिए एक नगरव्यापी स्वच्छता दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ताकेओ कोनिशी ने कहा कि उपयोगकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित करते हुए प्रणाली संचालन और परिसंपत्ति प्रबंधन को आगे बढ़ाने के लिए कम्प्यूटरीकृत रखरखाव और प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ किया जाएगा।
जल सोखने वाले गडढे का पुन: उपयोग और भूजल रिचार्जिंग के लिए उपयोग, लिंग-संवेदनशील और समावेशी डिजाइन सुविधाओं के साथ बस मोबाइल शौचालय, वर्षा जल संचयन, और सुगठित अवसंरचना और पूर्व-निर्मित सीवरेज उपचार सुविधाओं जैसे कई नवीन समाधान इस परियोजना में जलवायु संवेदनशीलता को बढ़ाएंगे।
यह परियोजना दक्षिण देहरादून में त्रुटिपूर्ण जल नेटवर्क को बदलने के लिए 136 किलोमीटर (किमी) जल पाइपलाईन प्रणाली का निर्माण करेगी ताकि 4,000 शहरी गरीबों और कमजोर समूहों सहित अनुमानित 40,000 लोगों को लाभान्वित करने के लिए एक विश्वसनीय और निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। जल के कुशल उपयोग और खपत बिलिंग का समर्थन करने के लिए लगभग 5,400 घरों में जल के मीटर भी लगाए जाएंगे।
इसके अलावा, इस परियोजना के तहत देहरादून में सीवेज उपचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जो 256 किलोमीटर के संलग्न भूमिगत सीवर नेटवर्क और 117 किलोमीटर के तूफानी वर्षा जल निकासी नेटवर्क द्वारा समर्थित है, जिससे अनुमानित 138,000 निवासियों को लाभ होगा, जिसमें 15,000 शहरी गरीब और कमजोर तबके के लोग शामिल हैं। देहरादून के कुल 17,410 घरों को इस सीवरेज सिस्टम से जोड़ा जाएगा। नैनीताल में उन्नत तकनीक और लाइन सीवर पुनर्वास का उपयोग करते हुए पुराने सीवेज उपचार संयंत्र को एक नए संयंत्र के साथ बदलते हुए यह परियोजना लगभग 154,000 लोगों की संपूर्ण आबादी के लिए लचीली और विश्वसनीय स्वच्छता सेवाएं सुनिश्चित करेगी।
एडीबी अपने तकनीकी सहायता विशेष कोष से 250,000 डॉलर की तकनीकी सहायता (टीए) अनुदान और अपने जलवायु परिवर्तन कोष से 750,000 डॉलर का एक अन्य अनुदान प्रदान करेगा ताकि एक संपूर्ण मूल्यांकन करते हुए, विज्ञान-आधारित समर्थन के निर्णय लेते हुए, स्मार्ट जलवायु अनुकूल शहरी नियोजन साधनों और क्षमता निर्माण गतिविधियों को विकसित करने के माध्यम से राज्य के जलवायु-अनुकूल शहरी नियोजन और विकास को और मजबूत किया जा सके।
आज का लव राशिफल 29 जून 2026 29 जून 2026 का दिन प्रेम संबंधों के… Read More
FIFA World Cup 2026 में नॉकआउट चरण की तस्वीर होने लगी स्पष्ट FIFA World Cup… Read More
MLC 2026 में अहम मुकाबले पर सबकी नजर San Francisco Unicorns और Washington Freedom के… Read More
अमेरिका के कई राज्यों में विंटर स्टॉर्म का अलर्ट अमेरिका के कई राज्यों में इस… Read More
CBSE 10वीं सेकेंड बोर्ड रिजल्ट 2026 का इंतजार जल्द हो सकता है खत्म CBSE कक्षा… Read More
दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप; लोग घरों से… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment