भारतीय जनता पार्टी के सदस्य डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने समान नागरिक संहिता विधेयक-2022 पेश किया। मत विभाजन के समय सदन के 63 सदस्यों ने इसे प्रस्तुत करने के पक्ष में जबकि 23 सदस्यों ने इसके विरोध में मत दिया। कई विपक्षी सांसदों ने विधेयक प्रस्तुत करने पर आपत्ति व्यक्त की। वामपंथी सांसदों ने इसे संविधान के खिलाफ बताया और इसे वापस लेने की मांग की। समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने भी ऐसे ही विचार व्यक्त किए। कांग्रेस के सदस्य डॉक्टर एल हनुमन्तैय्या ने कहा कि यह विधेयक देश के लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। तृणमूल कांग्रेस के सदस्य जवाहर सरकार ने विधेयक को गैर संवैधानिक और धर्मनिरपेक्षता के विपरीत बताया।
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