संयुक्त राष्ट्र महासभा में कई विकासशील और विकसित देशों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक और विदेश नीति की सराहना की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, रूस के विदेश मंत्री सरगेई लवारोव और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां सहित कुछ ताकतवर देशों ने प्रधानमंत्री मोदी का सकारात्मक उल्लेख किया। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने भी सतत विकास लक्ष्यों की सफलता में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका स्वीकार की। फ्रांस, जमैका और पुर्तगाल सहित कई देशों ने भारत की भरपूर सराहना की।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी की तारीफ करने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रां पहले व्यक्ति थे। उन्होंने कहा था कि युद्ध का उचित समय न होने के बारे में प्रधानमंत्री मोदी का वक्तव्य सही था।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुतेरस ने विशेष ‘India@75’ संदेश में इस बात पर जोर दिया था कि इतिहास में सबसे बड़ी युवा पीढ़ी की जनसंख्या के रूप में सतत विकास लक्ष्यों की सफलता के लिए भारत की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
रूस के विदेश मंत्री सरगेई लवारोव ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई सदस्यता का स्पष्ट रूप से समर्थन किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रूस भारत को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय देश और सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के पात्र उम्मीदवार के रूप में देखता है।
भारत की प्रशंसा करने वालों में जमैका का भी प्रतिनिधि मंडल था। जमैका की विदेश मंत्री कामीना जे स्मिथ ने कोविड महामारी के दौरान सहायता के लिए भारत के प्रति आभार व्यक्त किया।
गुयाना के विदेश मंत्री ह्यू हिल्टन टॉड ने भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुयाना जैसे छोटे देशों को भारत की बढती साख से काफी फायदा हुआ है क्योंकि भारत एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जो मानवीय विकास पर अधिक ध्यान देती है।
पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंतोनियो कोस्ता ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का आह्वान करते हुए कहा कि इसमें भारत, ब्राजील और अफ्रीका महाद्वीप का प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
एंतोनियो कोस्ता ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ऐसे सुरक्षा परिषद की वकालत की जिसमें सुरक्षा के व्यापक दृष्टिकोण हों और छोटे देशों का भी उचित प्रतिनिधित्व हो।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भूटान और नेपाल ने वैक्सीन मैत्री पहल के अंतर्गत कोविड वैक्सीन की आपूर्ति के लिए भारत के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो टांडी दोरजी ने कहा कि उनके देश की 90 प्रतिशत से अधिक लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह भारत सहित मित्र देशों की सद्भावना के कारण हुआ है।
नेपाल के विदेश मंत्री भरत राज पोडयाल ने भी कोविड वैक्सीन की आपूर्ति के लिए भारत के प्रति आभार व्यक्त किया।
भारत सरकार की वैक्सीन मैत्री पहल के अंतर्गत 25 करोड़ से अधिक कोविड रोधी वैक्सीन एक सौ से अधिक देशों को भेजी गई।
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