विद्युत ग्रिड के सभी राज्य प्रेषण केंद्रों में वर्ष 2026 तक पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण प्रणाली स्थापित होने की उम्मीद: आर.के. सिंह

केंद्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने राज्यसभा में बताया कि बिजली मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक उपक्रम, ग्रिड-इंडिया, नेशनल एंड रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर (एनएलडीसी/आरएलडीसी) में विभिन्न उप-स्टेशनों और विद्युत उत्पादन स्टेशनों से वास्तविक समय पर मापदंडों की निगरानी करता है। यह ऐसा राज्य लोड प्रेषण केंद्रों (एसएलडीसी) और आरएलडीसी द्वारा विद्युत प्रणाली की निगरानी के लिए अच्छी तरह से स्थापित पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण (एससीएडीए)/ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) के माध्यम से करता है। इन प्रणालियों का नियमित उन्नयन किया जा रहा है।

इसके अलावा, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाइनों के निर्माण के लिए तकनीकी मानक) विनियम, 2022 का विनियम 43(4) एससीएडीए प्रणालियों की तैनाती सहित केंद्रीकृत रिमोट निगरानी एवं उपस्टेशनों के संचालन को निर्दिष्ट करता है।

मंत्री महोदय ने बताया कि विभिन्न एसएलडीसी की एससीएडीए प्रणालियां प्रतिस्थापन/उन्नयन की प्रक्रिया में हैं, इस कार्य के वर्ष 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने यह भी बताया कि ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों के निर्माण और निरीक्षण के लिए एआई/एमएल एल्गोरिदम, साइबर सुरक्षा उपाय और रोबोट और ड्रोन का उपयोग करके पूर्वानुमानित रखरखाव तकनीकों के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं जो इस प्रकार हैं:

सभी ग्रिड सबस्टेशन विद्युत प्रणाली परिसंपत्ति के विभिन्न मापदंडों जैसे- तेल का तापमान, वाइंडिंग तापमान, ट्रांसफार्मर का घुलित गैस विश्लेषण, सर्किट ब्रेकरों का संपर्क प्रतिरोध आदि को मापने के लिए सेंसर का उपयोग करते हैं। इन मापदंडों का पूर्वानुमानित रखरखाव के लिए कंप्यूटर लगे उपकरणों के साथ विश्लेषण किया जाता है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने अक्टूबर 2021 में विद्युत क्षेत्र में साइबर सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिससे साइबर सुरक्षा उपायों के विकास और कार्यान्वयन को बढ़ावा मिला है।

सीईआरटी-इन के मार्गदर्शन में विद्युत क्षेत्र (सीएसआईआरटी-पावर) के लिए एक कंप्यूटर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया टीम सीईए में स्थापित की गई है, ताकि साइबर सुरक्षा घटनाओं की प्रतिक्रिया का समन्वय और सहायता प्रदान की जा सके और ऐसी घटनाओं को रोकने, पता लगाने, संभालने और प्रतिक्रिया देने के लिए उपयोगिताओं को नियंत्रित किया जा सके।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (विद्युत संयंत्रों और विद्युत लाइनों के निर्माण के लिए तकनीकी मानक) विनियम, 2022 का विनियम 87 कठिन और दुर्गम इलाकों में ट्रांसमिशन संपत्तियों के निर्माण और निरीक्षण के लिए मानव रहित हवाई वाहन के उपयोग के लिए प्रावधान निर्दिष्ट करता है।

देश में सबस्टेशनों और समग्र विद्युत ट्रांसमिशन प्रणाली की दक्षता बेहतर करने के लिए, सीईए ने मार्च 2023 में ट्रांसमिशन और सबस्टेशनों की योजना के लिए “ट्रांसमिशन योजना मानदंड” पर एक मैनुअल जारी किया है।

यह जानकारी केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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