विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण के लिये टीसीएस से समझौता किया

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण (पीएसपी-वी2.0) के लिये टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड के साथ समझौता पर हस्ताक्षर किया जिसमें डेटा सुरक्षा और उपभोक्ताओं के अनुभवों को अगले स्तर तक ले जाने का प्रावधान है।

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, वह प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में एक पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है जहां पहले से कोई ‘पासपोर्ट सेवा केंद्र’ अथवा ‘डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र’ नहीं हो।

इसमें कहा गया है कि सरकार पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के तहत बायोमेट्रिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत डेटा एनालिटिक्स एवं स्वत: प्रतिक्रिया का उपयोग करते हुए प्रौद्योगिकी उन्नय की योजना पर काम करेगी।

गौरतलब है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड 10 वर्षो से अधिक समय से पासपोर्ट सेवा परियोजना में सेवा प्रदाता के रूप में जुड़ी हुई है।

पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण (पीएसपी-वी2.0) को (पीएसपी-वी1.0) से आगे बढ़ाया जायेगा जो ई गवर्नेंस उपकरण के रूप में नागरिकों को पासपोर्ट से जुड़ी सेवाएं पहुंचाने की मंत्रालय की पहल है।

मंत्रालय के अनुसार, इसके परियोजना डिजाइन में यह सुनिश्चित किया गया है कि इसके जरिये सेवा प्रदाताओं द्वारा नागरिक सम्पर्क, प्रौद्योगिकी आधार, कॉल सेंटर, प्रशिक्षण एवं प्रबंधन बदलाव जैसे कार्यो को सहयोग प्रदान किया जाए । सरकार पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में सभी सम्प्रभु और सुरक्षा से जुड़े कार्य करना जारी रखेगी।

The Ministry of External Affairs today signed an agreement for second phase of the Passport Seva Programme (PSP-V2.0) with M/s Tata Consultancy Services Limited appointing them as the Service Provider for the project. @HarshShringla @SecySanjay @achangsan @tpbhatla @rajeshdogra7 pic.twitter.com/ikQyxXi5NC

— PassportSeva Support (@passportsevamea) January 7, 2022

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