राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति कर्तव्य निभाते हुए अपने जीवन का बलिदान देने वाले पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय पुलिस स्मारक सम्मान समारोह का आयोजन करता है। इसमें सभी केन्द्रीय पुलिस संगठन/केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल और राज्य पुलिस के उन पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जाता है। जिन्होंने सेवा के दौरान सीमावर्ती और आंतरिक क्षेत्रों में आतंकवाद और उग्रवाद और अपराध से लड़ते हुए कानून और व्यवस्था, बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा की, उनके सम्मान में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक बनाया गया है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक प्रत्येक सप्ताहांत पुलिस शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सम्मान देने और उनके परिवार के सदस्यों को सम्मानित करने के लिए एक गौरवपूर्ण समारोह का आयोजन करता है। इस कार्यक्रम को एक माह तक आयोजित करने की जिम्मेदारी बारी-बारी से एक- एक केंद्रीय पुलिस बल को दी जाती है। फरवरी 2024 में यह कार्यक्रम रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) आयोजित कर रहा है।
रेल मंत्रालय की अनर्गत रेलवे सुरक्षा बल लोगों की जान बचाने, जरूरतमंद लोगों की सहायता करने और मानव तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के उद्देश्य से कार्य करता है। वर्ष 2023 में, रेलवे सुरक्षा बल ने 3719 लोगों की जान बचाई है, संकट में फंसे 11794 बच्चों और 3492 वयस्कों को बचाया है, 257 मानव तस्करों की गिरफ्तारी के साथ 1048 पीड़ितों को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया है और 922 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। रेलवे सुरक्षा बल “सेवा ही संकल्प” के लक्षित उद्देश्य से कार्य करता है।
रेलवे सुरक्षा बल रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होने के साथ रेल यात्रियों का समर्पित रक्षक बन गया है। इसके अटूट समर्पण के सम्मान के लिए रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों को वीरता के लिए 3 राष्ट्रपति पुलिस पदक, वीरता के लिए 19 पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए 94 राष्ट्रपति पदक और सराहनीय सेवा के लिए 942 पदक से सम्मानित किया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के इस एक माह तक चलने वाले कार्यक्रम की शुरुआत 3 फरवरी, 2024 को हुई इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि, बैंड डिस्प्ले और रिट्रीट के विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस समारोह के मुख्य अतिथि दक्षिण पूर्व रेलवे के आईजी-सह-पीसीएससी/आरपीएफ संजय कुमार मिश्रा थे।
चुनौतीपूर्ण विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए अदम्य साहस और बहादुरी के प्रतीक के रूप में शहीद अपना कर्तव्य निभाते हैं। आरपीएफ की शहादत की एक समृद्ध विरासत है, इसके कर्मचारी और अधिकारी भारतीय रेलवे और इसके यात्रियों की सुरक्षा के लिए विद्रोहियों, राष्ट्रविरोधी तत्वों और अपराधियों से लड़ते हुए कर्तव्य निभाते हुए अपने जीवन का बलिदान तक देते हैं। आरपीएफ/आरपीएसएफ के 1000 से अधिक कर्मियों ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है।
उनके बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से शहीदों के परिवारों को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आमंत्रित किया गया था। बल कर्मियों के परिवारों के साथ, उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पण करके शहीदों को श्रद्धांजलि दी और संग्रहालय परिसर का दौरा किया। समारोह में मुख्य अतिथि संजय कुमार मिश्रा ने शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और उनका अभिनंदन किया, ततपश्चात मनमोहक बैंड का प्रदर्शन किया गया।
यह समारोह फरवरी 2024 के प्रत्येक शनिवार और रविवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा आयोजित किया जाता रहेगा।
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