मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी)’ के शुभारंभ के मौके पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम आज संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को किया था।
बुधवार को इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत के लोग, भारतीय उद्योग, भारतीय व्यवसाय, भारतीय निर्माता और भारतीय किसान गति शक्ति अभियान के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि यह 21वीं सदी के भारत के निर्माण के लिए भारत की वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को नई ऊर्जा देगा और उनके रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करेगा।
प्रधानमंत्री ने ‘प्रगति के लिए इच्छा, प्रगति के लिए काम, प्रगति के लिए धन, प्रगति के लिए योजना और प्रगति के लिए वरीयता’ को बढ़ावा देकर अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए विभागों में समग्र और एकीकृत विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
आज अपने समापन संबोधन में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सचिव गिरिधर अरमाने ने कहा कि सरकार जो कुछ भी कर रही है, उसमें सुगमता की सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने मेट्रो रेल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब तक मेट्रो स्टेशन की आवासीय कॉलोनी तक पहुंच नहीं होगी, आम आदमी इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।
प्रत्येक आधारभूत संरचना परियोजना की योजना बनाने में एकीकृत सोच की आवश्यकता पर बल देते हुए गिरिधर अरमाने ने कहा, “योजना बनाते हुए या इसकी अवधारणा करते समय विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की सोच में एकरूपता आनी चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है जिसे माननीय प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया जिसके लिए उन्होंने हमें एक डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया, जो विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की अवधारणा और योजना बनाने का एक एकीकृत तरीका प्रदान कर सकता है।”
“राष्ट्रीय मास्टर प्लान को मजबूत करना” विषय पर ब्रेकआउट सत्र आयोजित किए गए जिसमें उद्योग के 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें एसबीआई के अध्यक्ष दिनेश कुमार खारा, एपीएम टर्मिनल के एमडी पीपावाव जैकब फ्रिस सोरेनसेन और एनएचबीएफ अध्यक्ष विनोद कुमार अग्रवाल जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल थीं। कार्यक्रम की शुरुआत अपर सचिव (राजमार्ग) अमित कुमार घोष की प्रस्तुति से हुई। प्रस्तुति 3 उप-विषयों में केंद्रित थी: “योजना के लिए एक संस्थागत ढांचा विकसित करना”, “केपीआई डिजाइन और निगरानी प्रगति” और “नागरिकों के लिए हितधारक जुड़ाव और लाभ”।
अपनी प्रस्तुति में अमित कुमार घोष ने 3 उप-विषयों और समाधान के लिए संभावित ढांचे पर भारतीय और वैश्विक उदाहरणों से सीख को शामिल किया। इसके बाद तीन विषयों पर सामूहिक चर्चा हुई। समूह चर्चा के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव (लॉजिस्टिक्स) सुमन प्रसाद सिंह और एनएचआईडीसीएल के संयुक्त सचिव और एमडी महमूद अहमद ने खास तौर पर भाग लिया। इन चर्चाओं का संचालन प्रकाश गौर, सीईओ एनएचएलएमएल, आर.के. पांडे और मनोज कुमार (दोनों भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सदस्य) ने किया। सभी 3 उप-विषयों पर विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए और कार्यान्वयन के लिए मंत्रालय द्वारा उनका विश्लेषण किया जा रहा है।
“नागरिकों के लिए हितधारक जुड़ाव और लाभ” पर एक ब्रेकआउट सत्र में बोलते हुए, अपर सचिव (राजमार्ग) अमित कुमार घोष ने कहा कि हितधारकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यवस्थित और अच्छी तरह से समन्वित प्रक्रिया की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “जमीनी स्तर पर प्रमुख हितधारकों को खोने से बचने के लिए, आगे बढ़ने वाली प्रत्येक परियोजना के लिए सावधानीपूर्वक योजना की आवश्यकता है।”
राष्ट्रीय मास्टर प्लान के बारे में: राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उद्देश्य पूरे देश में समग्र योजना और विकास लाना है। एक एकीकृत मंच में दर्शाए गए सभी आर्थिक क्षेत्रों और बुनियादी ढांचे के विकास, जीवन यापन में आसानी लाने, व्यापार करने को आसान बनाने, व्यवधानों में कमी लाने और कार्यों के लागत प्रभावी समापन में तेजी लाने का उद्देश्य है। इस उद्देश्य से परिवहन और लॉजिस्टिक्स के व्यापक और एकीकृत मल्टी-मॉडल राष्ट्रीय नेटवर्क को बढ़ावा दिया जाएगा। एनएमपी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, विदेशी निवेश को आकर्षित करेगा और माल, लोगों और सेवाओं के सुचारू परिवहन को सक्षम करके और रोजगार के अवसर पैदा करके देश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा।
राष्ट्रीय मास्टर प्लान संबंधित मंत्रालयों और विभागों को एक निर्धारित समय सीमा में आर्थिक क्षेत्रों के लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए कनेक्टिविटी तंत्र को मंजबूत करने में सहायता करेगा। बीआईएसएजी-एन (भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लिकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स) के सहयोग से जीआईएस आधारित ईआरपी सिस्टम का विकास किया जाएगा। यह सिस्टम सभी हितधारकों और नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी मंत्रालयों को स्थानिक योजना और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना शामिल है, समय-समय पर और वास्तविक समय के आधार पर मास्टर प्लान का निर्माण, प्रशासन और प्रभावी निगरानी में मददगार साबित होगा। 200 से अधिक प्रक्रियाओं के साथ, पोर्टल सभी महत्वपूर्ण नेटवर्क लिंकेज की जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही नेटवर्क प्लैनर्स को लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बेहतर दक्षता प्राप्त करने में भी मदद करेगा।
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