Categories: News-Headlines

राष्ट्रपति ने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, विलिंगटन के 77वें स्टाफ कोर्स के छात्र अधिकारियों को संबोधित किया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज तमिलनाडु में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, विलिंगटन के 77वें स्टाफ कोर्स के छात्र अधिकारियों को संबोधित किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश के सशस्त्र बल हमारे महान राष्ट्र के सर्वाधिक सम्मानित संस्थाओं में शामिल हैं। अपने अथक प्रयासों तथा महान बलिदानों के बल पर इन्होंने देशवासियों से सम्मान प्राप्त किया है। उन्होंने युद्ध एवं शांति के समय राष्ट्र को अमूल्य सेवाएं प्रदान की हैं। आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के समय भी उन्होंने समर्पण एवं साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया है।

कोविड-19 महामारी के बारे में चर्चा करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि हाल में बीता हुआ समय पूरी मानवता के लिए काफी मुश्किलों से भरा रहा है। इस महामारी ने जीवन के सभी हिस्सों को प्रभावित किया है। राष्ट्रपति कोविंद ने देश की सीमाओं के साथ-साथ कोविड-19 महामारी की स्थिति से निपटने में सशस्त्र बलों के पुरुषों एवं महिलाओं के बेजोड़ साहस एवं संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने में इनमें से अधिकांश व्यक्ति अग्रणी योद्धाओं में शामिल हैं। देश उनकी प्रतिबद्धता तथा उनके योगदान की सराहना करता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हम चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं जो बदलावों से भरा है। राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा की अवधारणाएं बदल रही हैं। भू-रणनीतिक एवं भू-राजनैतिक बाध्यताओं के साथ-साथ अन्य घटकों ने सुरक्षा परिदृश्य को और भी जटिल बना दिया है। कम तीक्ष्णता के संघर्ष, आतंकवाद से मुकाबला और गैर-युद्धक संघर्ष विभिन्न चुनौतियां पेश करते हैं। सभी पहलुओं को गहराई से समझने की जरूरत है। इस बदलते समय में हमें अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए तरीकों के बारे में सोचना होगा। इसके लिए एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि स्टाफ कोर्स के दौरान छात्र अधिकारियों को बदलती गतिशीलता को समझने में मदद करने के लिए व्यापक जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वृहद परिदृश्य की समझ के साथ वे राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में अपनी भूमिका की पहचान करने में सक्षम होंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि 21वीं सदी के समाज को ज्ञान आधारित समाज के रूप में वर्णित किया गया है। सचमुच, इस सदी में ज्ञान एक शक्ति है। जिस तरह हमें ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के युग में होना बताया जाता है, वैसे ही हम ज्ञान आधारित युद्ध के युग में भी हैं। रक्षा पेशेवरों के रूप में, अधिकारियों को एक ज्ञान आधारित योद्धा होना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में पेशेवर शिक्षण के बल पर वे आवश्यक दक्षताओं को आत्मसात करने में सक्षम होंगे। यह उन्हें भविष्य में बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए सही उपायों से लैस करेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि पुरुषों और महिलाओं के प्रभावकारी अगुआई के लिए, अधिकारियों को व्यक्तिगत और पेशेवर क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्रदर्शित करनी होगी। आत्मविश्वास, साहस, सहिष्णुता, सत्यनिष्ठा, नम्रता एवं सरलता उन्हें एक व्यक्ति के रूप में सशक्त करेंगे। अत्याधुनिक तकनीकों, अत्याधुनिक रणनीतियों तथा युक्तियों और नवीनतम खोजों के निरंतर शिक्षण से वे अच्छे पेशेवर बनेंगे।

Leave a Comment

Recent Posts

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया… Read More

1 hour ago

संसद में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण हेतु संवैधानिक संशोधन विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका

लोकसभा में कल संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक… Read More

1 hour ago

विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग ने 865 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की

निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 865 करोड़ रुपये… Read More

1 hour ago

आईपीएल में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाईट राइडर्स को पांच विकेट से हराया

आईपीएल क्रिकेट में कल रात अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाईट राइडर्स को पांच… Read More

1 hour ago

MSME मंत्रालय ने डेटा-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए NICDC लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज के साथ एमओयू साइन किया

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए… Read More

14 hours ago

This website uses cookies.