नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 पुरस्कार प्रदान किए और जल शक्ति अभियान: कैच द रेन -2023 का शुभारंभ किया। कैच द रेन अभियान का उद्देश्य पेयजल के स्रोतों को टिकाऊ बनाए रखना है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जल संरक्षण और प्रबंधन भारत के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दे हैं क्योंकि भारत में जल संसाधन केवल चार प्रतिशत हैं। उन्होंने कहा कि अनियोजित शहरीकरण के कारण देश में जल संरक्षण के पारंपरिक तरीके लुप्तप्राय हो गए हैं और जल की कमी तथा ग्लोबल वार्मिंग की समस्या इसी से पैदा हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ-साथ जल संरक्षण के पारंपरिक तरीकों को फिर से अपनाना मौजूदा समय की मांग है।
स्वच्छ-सुजल भारत के निर्माण के लिए जल-संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति ने आज नई दिल्ली में स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान प्रदान किए। ये पुरस्कार स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण, जल जीवन मिशन और राष्ट्रीय जल मिशन की अलग-अलग श्रेणियों में प्रदान किए गए। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने मुर्मु ने जलशक्ति से नारी शक्ति विषय पर एक वीडियो और एक स्मारक-टिकट भी जारी किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वच्छ सुजल शक्ति की अभिव्यक्ति भी जारी की जिसमें स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, जल जीवन मिशन और राष्ट्रीय जल मिशन से जुड़े महत्वपूर्ण संदर्भ हैं। कार्यक्रम में, जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण बारत ने जलशक्ति अभियान में असाधारण सफलता प्राप्त की है। गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि मौजूदा अमृत काल, जल के क्षेत्र में वास्तविक क्रांति का काल है और इससे जल-संरक्षण की अवधारणा मज़बूत हुई है।
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