राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में ‘राइजिंग इंडिया – शी शक्ति’ कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम नेटवर्क 18 द्वारा अपने – अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली विभिन्न महिलाओं को मान्यता देने, उनका सम्मान करने और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब हमारा देश ‘अमृत काल’ में प्रवेश कर चुका है, अपने – अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं को मान्यता देने, उनका सम्मान करने और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करना बेहद प्रासंगिक है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत निकट भविष्य में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। लेकिन हमारी आधी आबादी के योगदान के बिना यह संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों की श्रमशक्ति में महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है, लेकिन कई राज्य ऐसे भी हैं जहां उनकी संख्या कम है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में हमारी बहनों और बेटियों का योगदान होना अनिवार्य है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी बेटियों और बहनों में जीवन में आगे बढ़ने, देश और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की असीम ललक है। अपनी बेटियों और बहनों को सम्मान व उचित अवसर देना हमारी परंपरा भी है और दायित्व भी। उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली लड़कियां अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत के बल पर सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं का सम्मान हमारी संस्कृति का आधार रहा है। हमारी परंपरा में ऐसे अनेक साक्ष्य मौजूद हैं कि जब-जब महिलाओं का अपमान हुआ है, तब-तब पूरे समाज ने एकजुट होकर ऐसे कुकृत्यों की भर्त्सना की है और अपराधियों को दंडित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं होती हैं और वे महिलाओं के सम्मान के हमारे सनातन मूल्य के पूर्ण रूप से विरुद्ध हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं के प्रति सम्मान के मूल्य और महिलाओं के लिए न्याय की भावना से लैस हमारी प्रणाली से सशक्त होकर हमारी नारी-शक्ति आगे बढ़ती रहेगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। लेकिन, एक समाज के तौर पर हम सबको भी अपनी बेटियों और बहनों को सबल बनाने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर एक ऐसा माहौल बनाना होगा जहां सभी महिलाएं सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्रों में पूरी तरह से भाग ले सकें और अपना भरपूर योगदान दे सकें।
राष्ट्रपति ने कहा कि मीडिया हमारी सामाजिक व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है, हमारे लोकतंत्र का एक प्रमुख स्तंभ है और इस नाते मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने – अपने क्षेत्र में सफल महिलाओं को इतना अच्छा मंच प्रदान करने और उन्हें सम्मानित करने के लिए नेटवर्क 18 की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन अन्य संस्थानों को महिला सशक्तिकरण के हित में ऐसे आयोजन करने के लिए प्रेरित करेगा।
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