केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के तत्वावधान में काम करने वाली शीर्ष तस्करी विरोधी खुफिया जांच एजेंसी, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने आज नई दिल्ली में अपना 65वां स्थापना दिवस मनाया।
समारोह की शुरुआत केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की उपस्थिति में उद्घाटन के साथ हुई। राजस्व सचिव, संजय मल्होत्रा; केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अध्यक्ष विवेक जौहरी; राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के महानिदेशक मोहन कुमार सिंह के साथ बोर्ड के अन्य सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे। इस समारोह में सीबीआईसी के पूर्व अध्यक्षों और सदस्यों, डीआरआई के पूर्व महानिदेशकों सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस कार्यक्रम में लगभग 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया और डीआरआई, सीबीआईसी, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और भारत सरकार के अन्यअधिकारियों के सैकड़ों उपस्थित लोगों की भागीदारी के साथ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने “भारत में तस्करी (स्मगलिंग इन इंडिया) रिपोर्ट 2021-22” भी जारी की, जिसमें सोने की तस्करी, मादक औषधियों (नारकोटिक्स ड्रग्स) और (साइकोट्रोपिक पदार्थों, वन्यजीवों, वाणिज्यिक धोखाधड़ी और अंतर्राष्ट्रीय प्रवर्तन संचालन और सहयोग जैसे रुझानों का विश्लेषण किया गया है। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) के महानिदेशक मोहन कुमार सिंह एम के सिंह ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और पिछले वित्तीय वर्ष में डीआरआई के प्रदर्शन पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
वित्त मंत्री सीतारमण ने राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) और उसके अधिकारियों को उनके प्रदर्शन और सराहनीय सेवा के लिए बधाई दी। वित्त मंत्री ने डीआरआई और उसके अधिकारियों की पेशेवर उत्कृष्टता की सराहना की और कहा कि डीआरआई ने बेहतर लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रत्येक वर्ष अपने प्रदर्शन के स्तर (बेंचमार्क) में सुधार किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि डीआरआई के अनुकरणीय प्रदर्शन ने अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के लिए मानदंड को और ऊंचा कर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि वह भारत में विशेष रूप से दवाओं और सोने की तस्करी का पता लगाने की बारीकी से निगरानी कर रही हैं।
वित्त मंत्री सीतारमण ने डीआरआई की सराहना करते हुए कहा कि निदेशालय ने देश के 14 स्थलों में आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान 44,000 किलोग्राम से अधिक मादक दवाओं को नष्ट कर दिया और कहा कि यह डीआरआई के प्रदर्शन और शमता ताकत का एक असाधारण प्रदर्शन है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि अब उद्देश्य इन मामलों में मुख्य संचालकों और अपराधियों / वित्तपोषकों को गिरफ्तार करके औषधि और एनडीपीएस अधिनियम मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाना होना चाहिए। वित्त मंत्री ने सोने और एनडीपीएस की तस्करी के खतरे का मुकाबला करने के लिए तस्करों से आगे रहने के लिए प्रौद्योगिकी अपनाने, निश्चित तरीके से काम करने, डेटा विश्लेषण और उनकी कार्यप्रणाली को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने शत्रुता रखने वाले तत्वों (एडवर्स प्लेयर्स) द्वारा डेटा की घुसपैठ को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर मुंबई संभागीय इकाई की उप–निदेशक मिशाल क्वीनी डी’कोस्टा, और कोलकाता संभागीय इकाई के वरिष्ठ आसूचना अधिकारी बिपुल बिस्वास को उनकी वीरता के अनुकरणीय कार्य के लिए ‘वर्ष 2022 का राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) वीरता पुरस्कार’ प्रदान किया गया।
इस अवसर पर भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क) के 1964 बैच के अधिकारी आर. गोपालनाथन को उनकी विशिष्ट और प्रतिबद्ध सेवा के लिए डीआरआई ‘ उत्कृष्ट सेवा सम्मान, 2022’ से सम्मानित किया गया।
इस समारोह में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया। माननीय राज्य मंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि डीआरआई ने आकार में छोटा होने के बावजूद स्वयं को एक बहुत प्रभावी प्रवर्तन एजेंसी के रूप में प्रतिष्ठित किया है। पंकज चौधरी ने हाल के दिनों में स्वापक ओषधि और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस – एनडीपीएस की कुछ प्रमुख बरामदगी का भी उल्लेख किया और इन मामलों में डीआरआई की के पेशेवर रुख की सराहना की। माननीय राज्य मंत्री ने नशीले पदार्थों की तस्करी और युवाओं पर इसके प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने एनडीपीएस के मामलों में शून्य – सहिष्णुता (नो टॉलरेंस) की नीति पर जोर दिया।
राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन में राजस्व आसूचना महानिदेशालय (डीआरआई) को 65वें स्थापना दिवस की बधाई दी और कहा कि इन 65 वर्षों के दौरान डीआरआई का बहुत लंबा और विशिष्ट रिकॉर्ड रहा हैI उन्होंने आने वाले वर्षों में चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए डीआरआई को शुभकामनाएं दी।
स्थापना दिवस समारोह के बाद 8वीं क्षेत्रीय सीमा शुल्क प्रवर्तन बैठक (आरसीईएम) का भी आयोजन किया गया, जिससे कि सहयोगी सीमा शुल्क संगठनों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों जैसे विश्व सीमा शुल्क संगठन, ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओडीसी) के साथ प्रभावी रूप से जुड़ सकें।
इस उद्घाटन समारोह का समापन डीआरआई की दिल्ली संभागीय इकाई में प्रधान अपर महानिदेशक दिल्ली जोनल यूनिट अभय कुमार श्रीवास्तव द्वारा ‘धन्यवाद ज्ञापन’ के साथ हुआ।
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