विदेश मंत्री डॉक्टर एस० जयशंकर ने शंघाई सहयोग संगठन परिषद की 20वीं बैठक में संगठन के अधिदेश को लागू करने के लिए रचनात्मक योगदान की प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्व, संगठन के व्यापार और आर्थिक एजेंडे के व्यावहारिक कार्यान्वयन की दिशा में बढ़ रहा है, ऐसे में संयुक्त गतिविधियों के जलवायु प्रभावों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
डॉक्टर जयशंकर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक सूर्य एक विश्व : एक ग्रिड और ग्रीन ग्रिड पहल के आह्वान से, मजबूत वैश्विक ग्रिड के विकास की ओर बढ़ने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन की गति को धीमा करने सम्बंधी अनुभवों को साझा करने और एससीओ प्रारूप को अपनाने के लिए तैयार है।
विदेश मंत्री ने कहा कि कोविड महामारी ने वैश्विक संस्थानों की खामियों को उजागर किया है इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित वैश्विक संस्थानों में सुधार की बहुत आवश्यकता है।
डॉक्टर एस० जयशंकर ने एससीओ क्षेत्र में सहयोग, निवेश और भौतिक तथा डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि कोई भी गम्भीर कनेक्टिविटी पहल परामर्शक, पारदर्शी, सहभागी और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत के अनुरूप होनी चाहिए।