भारत ने रूस द्वारा समाप्त किए गए प्रमुख काला सागर अनाज समझौते को जारी रखने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का समर्थन किया

भारत ने काला सागर अनाज पहल को जारी रखने के संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का समर्थन किया है और मौजूदा गतिरोध के शीघ्र हल होने की आशा व्यक्त की है। रूस ने हाल में घोषणा की थी कि वह संयुक्‍त राष्‍ट्र की मध्यस्थता में हुए उस समझौते के कार्यान्वयन को निरस्‍त कर रहा है जिसमें यूक्रेन के बंदरगाहों से अनाज और खाद्य पदार्थों तथा उर्वरकों के निर्यात की अनुमति दी गई थी।

रूस की इस घोषणा के बाद ही भारत की प्रतिक्रिया आई है। ‘यूक्रेन के अस्थायी रूप से अधिकृत क्षेत्रों में स्थिति’ विषय पर संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत की स्‍थायी प्रतिनिधि रूचिरा कम्‍बोज ने कहा कि भारत इस क्षेत्र की हाल की घटनाओं को लेकर चिंतित है जिसकी वजह से इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद नहीं मिल पा रही है।

रूचिरा कम्‍बोज ने कहा कि यूक्रेन की स्थिति को लेकर भारत की चिंता बनी हुई है। इस युद्ध में लोगों की जाने गई हैं और विशेष रूप से महिलाओं, बच्‍चों और बुजुर्गों की तकलीफ बढी हैं। लाखों लोग बेघर हो गये हैं और पड़ोसी देशों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं।

🕊️Seeking Peace in #Ukraine:

🇮🇳 India remains deeply concerned about conflict in Ukraine, urging an immediate cessation of hostilities & return to dialogue & diplomacy
☮️ Essential to emphasize that this is not an era of war

– PR @ruchirakamboj at #UNGA Annual Debate on Ukraine pic.twitter.com/cIxFBMqKPX

— India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) July 18, 2023

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