Categories: News-Headlines

भारत की G20 अध्यक्षता के तहत “नीतिगत परिप्रेक्ष्य: क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर नीतिगत आम सहमति के उपायों पर विचार-विमर्श” विषय पर पैनल चर्चा

भारत की जी20 अध्यक्षता “वसुधैव कुटुम्बकम”, या “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” विषय पर आधारित है, जो सभी के लिए समान विकास और साझा भविष्य के संदेश को रेखांकित करता है। वित्तीय क्षेत्र में बदलाव, वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने और वित्तीय बाजार की दक्षता में सुधार करते हुए इस लक्ष्य को हासिल करने में डिजिटल तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 2023 में वित्तीय क्षेत्र के नियामक सुधारों पर भारतीय अध्यक्षता की प्राथमिकता; डिजिटल वित्तीय प्रणाली को अधिक कुशल, सुरक्षित और स्थिर बनाना है।

क्रिप्टो की दुनिया में तेजी से क्रमिक-विकास के बावजूद, क्रिप्टो परिसंपत्तियों के लिए कोई व्यापक वैश्विक नीतिगत रूपरेखा नहीं है। क्रिप्टो परिसंपत्तियों और पारंपरिक वित्तीय क्षेत्र के बीच व्यापक अंतर्संबंधों के साथ-साथ क्रिप्टो परिसंपत्तियों की जटिलता और अस्थिरता आदि से सम्बंधित चिंताओं को देखते हुए, नीति-निर्माता सख्त विनियमन पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं। वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ), वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी), भुगतान और बाजार अवसंरचना संबंधी समिति (सीपीएमआई), प्रतिभूति आयोगों का अंतर्राष्ट्रीय संगठन (आईओएससीओ) और बैंकिंग पर्यवेक्षण पर बेसल समिति (बीसीबीएस), जैसे वैश्विक मानक-निर्माण निकाय अपने संबंधित संस्थागत कार्यादेशों के भीतर काम करते हुए नियामक एजेंडे का समन्वय कर रहे हैं।

क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर वैश्विक नीतिगत संवाद का स्वरूप तय करना

भारत, वित्तीय एकीकरण चिंताओं से परे क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर जी20 चर्चा में अर्थव्यवस्था में क्रिप्टो को बड़े पैमाने पर अपनाने और इसके आर्थिक प्रभाव आदि विषयों को शामिल करना चाहता है। क्रिप्टो परिसंपत्तियों की वैश्विक चुनौतियां और अवसर; के लिए डेटा-आधारित और सूचित दृष्टिकोण की आवश्यकता होगी, ताकि जी20 सदस्य एक समन्वित और व्यापक नीतिगत उपायों को अंतिम रूप दे सकें।

क्रिप्टो परिसंपत्तियों के व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता प्रभावों के बारे में नीति निर्माताओं को जानकारी देने के लिए, भारतीय अध्यक्षता ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 23 फरवरी, 2023 को बेंगलुरु में आयोजित जी20 वित्त और केन्द्रीय बैंक उप-प्रमुख की दूसरी बैठक के लिए एक चर्चा पत्र तैयार करने का अनुरोध किया था। उक्त बैठक के दौरान, “नीतिगत दृष्टिकोण: क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर नीतिगत आम सहमति के उपायों पर विचार-विमर्श” विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया था, जिसे क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर संवाद को व्यापक बनाने से जुड़े भारतीय अध्यक्षता के प्रयासों के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। आईएमएफ के स्पीकर टोमासो मैनसिनी-ग्रिफोली ने कार्यक्रम में चर्चा पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें किसी देश की अर्थव्यवस्था की आंतरिक और बाहरी स्थिरता के साथ-साथ इसकी वित्तीय प्रणाली की संरचना पर क्रिप्टो अपनाने से होने वाले परिणामों पर प्रकाश डाला गया था। मैनसिनी-ग्रिफोली ने रेखांकित किया कि क्रिप्टो परिसंपत्तियों के कथित लाभों में सस्ता और तेज गति से सीमा-पार भुगतान, अधिक एकीकृत वित्तीय बाजार और वित्तीय समावेश में वृद्धि शामिल है, लेकिन इन्हें अभी तक हासिल नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि आपसी-संचालन, सुरक्षा और दक्षता की समस्याओं की गारंटी निजी क्षेत्र द्वारा नहीं दी जा सकती है और खाता बही के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना/प्लेटफॉर्म को सार्वजनिक भलाई के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने क्रिप्टो परिसंपत्तियों की दुनिया से संबंधित वैश्विक सूचनाओं की कमी और जी20 के तत्वावधान में क्रिप्टो परिसंपत्तियों के आपसी-सम्बन्ध, अवसरों और जोखिमों पर गहरी समझ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

सेमिनार में जी20 सदस्य देशों के उप-प्रमुखों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ इस विषय के प्रख्यात विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा के विषयों में निम्न शामिल थे:

एक सामान्य वर्गीकरण की आवश्यकता और क्रिप्टो परिसंपत्ति दुनिया का एक व्यवस्थित वर्गीकरण,

क्रिप्टो परिसंपत्तियों के लाभ और जोखिम

समष्टि आर्थिक नीति संबंधी प्रश्न, जिनका आगे मूल्यांकन किए जाने की आवश्यकता है, और,

वित्तीय स्थिरता के मुद्दे और नियामक उपाय।

पैनल में शिक्षा-जगत के विद्वान शामिल थे, जैसे कॉर्नेल विश्वविद्यालय से ईश्वर प्रसाद और अमेरिकी विश्वविद्यालय की हिलेरी एलेन, जिन्होंने विकेंद्रीकृत प्लेटफार्म होने का दावा करने के बावजूद क्रिप्टो दुनिया की अत्यधिक केंद्रीकृत प्रकृति के बारे में तर्क प्रस्तुत किये। बीआईएस के ह्यून शिन ने वास्तविक अर्थव्यवस्था के लिए क्रिप्टो परिसंपत्ति द्वारा बनायी जाने वाली लागत और लाभों पर तथा नए फिनटेक नवाचारों के लिए स्पष्ट नियामक स्थापित करने की आवश्यकता पर विचार साझा किये। जी20 देशों के वक्ताओं और प्रतिभागियों द्वारा क्रिप्टो दुनिया में शासन संरचनाओं की कमी तथा वैश्विक वित्तीय और भुगतान प्रणालियों की मौजूदा चुनौतियों के समाधान के लिए वैकल्पिक उपायों की आवश्यकता के बारे में कई चिंताओं को सामने रखा गया।

इस कार्यक्रम ने क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर एक व्यापक संवाद शुरू करने में मदद की है, लेकिन कई प्रासंगिक नीतिगत प्रश्न भी उठाए हैं, जिनकी नीति निर्माताओं और नियामकों द्वारा बारीकी से मूल्यांकन करने की आवश्यकता है। अर्थव्यवस्था के लिए क्रिप्टो परिसंपत्तियों के परिणामों का मूल्यांकन करने के अलावा, यह भी एक अस्तित्व से जुड़ा प्रश्न है कि क्या क्रिप्टो परिसंपत्तियां वास्तव में वैश्विक वित्तीय प्रणालियों की मौजूदा चुनौतियों का इष्टतम समाधान हैं।

आगे का रास्ता

नीतिगत रूपरेखा की आवश्यकता पर चल रही बातचीत को समर्थन देने के लिए, भारतीय अध्यक्षता ने आईएमएफ और एफएसबी द्वारा एक संयुक्त तकनीकी पत्र का प्रस्ताव दिया है, जो क्रिप्टो-परिसंपत्तियों के व्यापक आर्थिक और नियामक दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेगा। यह क्रिप्टो परिसंपत्तियों के लिए एक समन्वित और व्यापक नीति दृष्टिकोण तैयार करने में मदद करेगा। अक्टूबर 2023 में आयोजित होने वाली वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की चौथी बैठक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा अपना संयुक्त पत्र प्रस्तुत किये जाने की उम्मीद है। भारतीय अध्यक्षता के तहत आयोजित अन्य जी20 बैठकों के चर्चा सेमिनारों द्वारा प्रस्तुत पत्र, इसके लिए पूरक पत्र सिद्ध होंगे। उम्मीद की जा रही है कि चर्चाओं से जी20 बैठकों में सूचना-आधारित बहस होगी और एक समन्वित तथा व्यापक नीतिगत दृष्टिकोण तैयार करने में मदद मिलेगी।

अपनी संपूर्णता में, आईएमएफ के चर्चा पत्र, नीति सेमिनार और संयुक्त आईएमएफ-एफएसबी पत्र के माध्यम से क्रिप्टो परिसंपत्तियों के व्यापक-वित्तीय और विनियामक दृष्टिकोण से संबंधित नीति प्रश्नों को एकीकृत करने और क्रिप्टो परिसंपत्तियों के लिए एक अच्छी तरह से समन्वित और व्यापक नीति पर वैश्विक सहमति बनाए जाने की उम्मीद है।

Leave a Comment

Recent Posts

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More

1 minute ago

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराया

आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More

2 hours ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More

2 hours ago

NHAI ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी फास्टटैग जारीकर्ता बैंकों को निर्देश जारी किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More

2 hours ago

जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू

जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू… Read More

4 hours ago

अमेरिका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट देने से इनकार किया

अमरीका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट… Read More

4 hours ago

This website uses cookies.