भारत आज से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संबंधी वैश्विक भागीदारी – जी पी ए आई का अध्यक्ष पद ग्रहण करेगा। इलैक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्र शेखर तोक्यो में जी पी ए आई की बैठक में सांकेतिक रूप में फ्रांस से अध्यक्ष पद की बागडोर प्राप्त करेंगे। भारत, पहली दिसम्बर से विश्व की सबसे बडी अर्थव्यवस्थाओं के समूह, जी-20 की अध्यक्षता भी ग्रहण करने जा रहा है। जी पी ए आई 25 देशों का एक संगठन है।
भारत जी पी ए आई में वर्ष 2020 में संस्थापक सदस्य के रुप में शामिल हुआ था। आर्टिफिशियल इंटीलेजेंस से वर्ष 2035 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में नौ सौ 67 अरब डॉलर वर्ष 2025 तक भारत के सकल खरेलू उत्पाद में चार सौ 50 से पांच सौ अरब डॉलर जुड़ने का अनुमान है। जो देश के पांच ट्रिलियन डॉलर सकल घरेलु उत्पाद के लक्ष्य का दस प्रतिशत है। भारत को जी पी ए आई की अध्यक्षता मिलना इस बात को भी दर्शाता है कि आज पूरी दुनिया भारत को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखती है। भारत ने नागरिकों के जीवन को बदलने के लिए प्रौद्योगिकी के नैतिक उपयोग को हमेशा बढ़ावा दिया है।