बरेली वायु सेना स्टेशन में एक औपचारिक समारोह में भारतीय सेना की महार रेजिमेंट और भारतीय वायु सेना की 8 स्क्वाड्रन की संबद्धता पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए। इस समारोह में एक संयुक्त सेना – वायु सेना गार्ड ऑफ ऑनर और लेफ्टिनेंट जनरल सी बंसी पोनप्पा, महार रेजिमेंट के एडजुटेंट जनरल व कर्नल और वायु सेना के 8 स्क्वाड्रन के कमोडोर कमांडेंट एयर वाइस मार्शल एमएस देसवाल द्वारा “चार्टर ऑफ एफिलिएशन” पर हस्ताक्षर शामिल थे।
महार रेजिमेंट और नंबर 8 स्क्वाड्रन की संबद्धता समकालीन सैन्य वातावरण में सैन्य सामरिक सिद्धांतों और अवधारणाओं की साझा गुण दोष विवेचना के माध्यम से एक दूसरे को संयुक्त लोकाचार, क्षमताओं और मुख्य दक्षताओं की आपसी समझ विकसित करने में सक्षम बनाएगी।
01 अक्टूबर, 1941 को अपनी स्थापना के बाद से भारतीय सेना की महार रेजीमेंट अद्वितीय गौरव और सम्मान के साथ लड़ी है, कई युद्धक्षेत्रों में विजयी हुई है और स्वतंत्रता के बाद नौ बैटल ऑनर्स और 12 थिएटर ऑनर्स से इसे सम्मानित किया गया है। रेजिमेंट ने परमवीर चक्र (पीवीसी) और अशोक चक्र (एसी) सहित कई वीरता पुरस्कार अर्जित किए हैं। नंबर 8 स्क्वाड्रन वायु सेना भारतीय वायु सेना की सबसे वरिष्ठ स्क्वाड्रन में से एक है और इसे दिनांक 01 दिसंबर, 1942 को बनाया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा अभियान में लड़ने वाली पहली वायु सेना स्क्वाड्रन होने का गौरव इस यूनिट को प्राप्त है। स्क्वाड्रन वर्तमान में दुर्जेय सुखोई -30 एमकेआई से लैस है।
यह संबद्धता समारोह संयुक्तता को और बढ़ावा देगा और यह अंतर-सेवा सौहार्द का प्रतीक है जो आधुनिक युद्ध में एकीकृत सैन्य अभियानों के समन्वित निष्पादन में एक लंबा रास्ता तय करेगा।
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More
दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment