प्रवर्तन निदेशालय ने एमवे इंडिया इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की 757 करोड़ रूपये से अधिक की परसम्पत्ति कुर्क की है। कम्पनी पर बहु-स्तरीय बिक्री श्रृंखला घोटाले का आरोप है। कुर्क की गई परिसम्पत्तियों में कंपनी की भूमि और फैक्ट्री, मशीनरी, वाहन, बैंक खाते और सावधि जमा शामिल है। धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय की छानबीन से पता चला है कि एमवे कंपनी सीधी ब्रिक्री के बहु-स्तरीय नेटवर्क की आड़ में लंबे समय से ग्राहकों से धोखाधडी करती आ रही थी। इसके अधिकांश उत्पादों की कीमत खुले बाजार में उपलब्ध अन्य निर्माताओं के लोकप्रिय उत्पादों से कहीं अधिक थी। वास्तविकता जाने बिना आम लोग कम्पनी के सदस्य बनने और महंगे उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहन की चपेट में आते जा रहे थे। कम्पनी का जोर नए सदस्य बनाने पर अधिक था और ये नए सदस्य जल्दी से जल्दी अधिक कमीशन पाने के लिए उत्पादों की खरीद कर रहे थे। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा सदस्यों को मिलने वाले कमीशन के कारण उत्पादों की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही थी।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment