प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। शंघाई सहयोग संगठन परिषद की बैठक के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी परस्पर हित के मुद्दों पर विश्व के कई नेताओं से अनौपचारिक बैठक करेंगे। सम्मेलन के बाद वे रूस, उज्बेकिस्तान और ईरान के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
एससीओ शिखर सम्मेलन में समसामयिक, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा संगठन में सुधार और विस्तार, सुरक्षा की स्थिति, क्षेत्र में विभिन्न देशों के साथ भारत के सहयोग, संपर्क को मजबूत बनाने और क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचा-विमर्श होने की संभावना है। शिखर सम्मेलन का समापन समरकंद घोषणा पर हस्ताक्षर के साथ होगा। बैठक के दौरान कई अन्य दस्तावेजों का भी अनुमोदन होने की उम्मीद है। एससीओ क्षेत्रीय आतंकवादी रोधी संरचना के अध्यक्ष के तौर पर भारत अन्य एससीओ राष्ट्रों के साथ आतंकवाद रोधी सहयोग को बढ़ावा देने का इच्छुक है। शंघाई सहयोग संगठन में फिलहाल आठ पूर्णकालिक सदस्य राष्ट्र हैं। अनेक समान विचारधारा वाले देशों ने एससीओ में शामिल होने में रुचि व्यक्त की है। शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान को पूर्ण सदस्य का दर्जा दिए जाने की उम्मीद है, जबकि बेलारूस की उम्मीदवारी पर औपचारिक रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा। एससीओ शिखर सम्मेलन भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समरकंद शिखर सम्मेलन के बाद एससीओ की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। भारत, सितंबर 2023 तक समूह की अध्यक्षता करेगा। अगले साल, भारत एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
भारत में रूस के राजदूत डेनिस एलिपोव ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रक्षा सहयोग और सैन्य आपूर्ति पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शॉवकत मिर्जियोयेव के साथ भी बैठक करेंगे।