प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय सर्जक पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार पहली बार शुरू किया गया है। राष्ट्रीय सर्जक पुरस्कार कथा वाचन, सामाजिक बदलाव, पर्यावरणीय संवहनीयता और शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने का प्रयास है। इसका उद्देश्य सकारात्मक बदलाव के लिए रचनात्मकता को प्रोत्साहन देना है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ चलते हुए यह अवसर नये दौर को समय से पहले पहचान देने का है। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार आने वाले समय में महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेगा क्योंकि इसका उद्देश्य रचनात्मकता और संवेदनशीलता को सम्मान देना है। प्रधानमंत्री ने इस पुरस्कार के लिए नामांकन कराने वाली लाखों प्रतिभाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कला और रचनात्मकता तथा नए सृजन की नींव रखने वाले विध्वंस के देव भगवान शिव की आराधना के शुभ अवसर शिवरात्रि पर यह पुरस्कार शुरू किये जाने को महत्वपूर्ण बताया।
सर्वोत्तम कथावाचक पुरस्कार सहित 20 श्रेणियों में क्रियेटर अवार्ड दिया गया है। इनमें रूपांतरकारी परिवर्तन, सामाजिक बदलाव के लिये सर्वोत्तम सृजनकर्ता, वर्ष का सांस्कृतिक दूत, हरित चैम्पियन अवार्ड और अंतर्राष्ट्रीय क्रियेटर अवार्ड शामिल हैं।