केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल अपने संबोधन में एक विकसित राष्ट्र के निर्माण की बात कही और एक विकसित भारत बनने के लिए महत्वपूर्ण स्तंभ जय अनुसंधान का एक स्पष्ट आह्वान किया। जय अनुसंधान के प्रधान मंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि “अमृत काल में प्रवेश करने के पहले ही दिन सार्वजनिक प्रणाली प्रयोगशाला (पब्लिक सिस्टम लैब – पीएसएल) की शुरुआत करने का इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता हैI वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में पब्लिक सिस्टम लैब (पीएसएल) का उद्घाटन करने के अवसर पर बोल रहे थे।
मंत्री महोदय ने कहा, “पब्लिक सिस्टम लैब कई तरह से महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सार्वजनिक खाद्य खरीद और वितरण ऐसा ही एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं जिसमें यह नवाचार अत्यधिक योगदान दे सकता है।” सार्वजनिक प्रणाली प्रयोगशाला नवाचार का एक ऐसा ही आदर्श उदाहरण है जो हमारे राष्ट्र के विकास में योगदान देगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में दक्षता लाकर देश को भ्रष्टाचार से छुटकारा दिलाएगा”।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी तथा कुशल बनाने के लिए नवाचार और अभिनव समाधानों के उपयोग पर सरकार के जोर दिए जाने के बारे में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा “वैश्विक महामारी के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) जैसी सरकारी पहलों के माध्यम से भारत खाद्य सुरक्षा से निपटने में दुनिया के लिए एक रोल मॉडल रहा है। ऐसी व्यापक महामारी के बावजूद सरकार ने एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड के माध्यम से सभी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की है।
सार्वजनिक प्रणाली प्रयोगशाला (पब्लिक लैब सिस्टम) की स्थापना के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली और विश्व खाद्य कार्यक्रम की सराहना करते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि इस दिशा में किए जा रहे शोध कार्य विश्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक कुशल एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार के उपयोग को प्रदर्शित करेंगे।
युवाओं से एक विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान करते हुए पीयूष गोयल ने कहा “आज भारत की चर्चा दुनिया में एक उभरती हुई महाशक्ति के रूप में, स्टार्टअप्स के राष्ट्र के रूप में, नवोन्मेषकों के राष्ट्र के रूप में और अपने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को समय से पहले ही प्राप्त करने वाले राष्ट्र के रूप में की जाती है। और यह तभी संभव है जब युवा मष्तिष्क भारत के विकास में योगदान देने वाले नवीन विचारों के साथ आए।
सार्वजनिक प्रणाली प्रयोगशाला (पब्लिक सिस्टम लैब – पीएसएल) की शुरुआत होने से नागरिकों पर बहुत प्रभाव पड़ेगा और इससे शिक्षाविदों तथा अन्य हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। यह प्रयोगशाला संचालन अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) , डेटा विज्ञान आदि के ज्ञान का उपयोग उन महत्वपूर्ण समस्याओं को हल करने के लिए करेगी जो करोड़ों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह खाद्य, स्वास्थ्य, परिवहन और सुशासन के क्षेत्र में काम करेगा। वर्तमान लक्ष्य खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और सार्वजनिक परिवहन का अनुकूलन और इष्टतम उपयोग करना है।
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