वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि पिछले आठ वर्षों के दौरान ढा़ंचागत सुधार के कारण, भारत आर्थिक रूप से विकसित विश्व के तीन देशों में से एक है। व्हार्टन भारत आर्थिक मंच की 27वीं बैठक के अवसर पर पीयूष गोयल ने वर्चुअल संबोधन में यह जानकारी दी।
उन्होंने आर्थिक क्षेत्र में वस्तु और सेवा कर को एक बड़े सुधार की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में अब हम पहले से बेहतर और अधिक पारदर्शी हो गए हैं। पीयूष गोयल ने बुनियादी, सेमीकंडक्टर और घरेलू विनिर्माण के क्षेत्र में विकास को महत्वपूर्ण आर्थिक सफलता बताई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हस्तक्षेप से इंडोनेशिया के बाली में आयोजित जी-20 देशों की शिखर बैठक में विश्व की आर्थिक स्थिति के बारे में निर्णय लिए गए। इसी बैठक से रूस – यूक्रेन युद्ध के समाधान की उम्मीद बंधी। पीयूष गोयल ने कोविड-19 महामारी के समाधान के सिलसिले में देश के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आपदा के बावजूद भारतीय उद्योग का विकास जारी रहा और आम लोगों की सुरक्षा की पर्याप्त वस्तुएं तैयार की गई।
अगले 25 वर्षों की चुनौतियों और अवसरों के बारें में पीयूष गोयल ने कहा कि गुणवत्ता के महत्व के बारें में लोगों के विचार में परिवर्तन लाना सबसे बड़ी चुनौती है। इस विचारधारा को बदलना है और हम इस दिशा में हम प्रयासरत हैं।
