पंजाब में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष खेतों में धान की पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पराली निस्तारण की कार्ययोजना में राज्य को विशेष सहायता प्रदान की है।
पंजाब में इस वर्ष 15 सितंबर से एक नवंबर तक की अवधि में धान की पराली खेतों में ही जलाने की कुल नौ हजार पांच सौ 94 घटनाएं सामने आयी है जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में करीब 46 फीसद कम है। जिसमें केंद्रीय पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का अहम योगदान रहा है। क्योंकि मंत्रालय की आर्थिक मदद से पराली को खेतों में ही निपटान के लिए किसानों को मशीनरी उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
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