पंजाब में पिछले दो महीनों में धान की कटाई का मौसम शुरू होने से लेकर कल तक खेतों में पराली जलाने की लगभग 12 हजार से अधिक घटनाएं सामने आई हैं। विभिन्न जिलों के प्रशासन में धान की पराली को खेतों में जलाने पर अभी तक केवल 973 घटनाओं में ही कार्रवाई की है। ऐसे किसानों पर 24 लाख तीस हजार रूपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है और 3 लाख 95 हजार की वसूली की गई है। स्पष्ट है की कार्रवाई की रफ्तार काफी धीमी है। जिससे पिछले कुछ दिनों से रोजाना ऐसी घटनाओं का आंकड़ा 1000 से भी पार जाने लगा है। पराली जलाने के सबसे अधिक घटनाएं मुख्यमंत्री भगवान सिंह मां के गृह जिले संगरूर में 1 हजार 907 देखने को मिली हैं जबकि, इसके बाद सीमावर्ती जिले में तरनतारन में 1 हजार चार सौ 69 और अमृतसर में 1 हजार तीन सौ 53 घटनाएं हुई है।
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