कोयला मंत्रालय के तहत सिंगरौली स्थित कोल इंडिया की सहायक कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने एक ही दिन में अब तक का सबसे अधिक कोयला भेजा है। 27 अगस्त, 2021 को कंपनी ने रिकॉर्ड 3.87 लाख टन कोयला उठाया।
कंपनी ने इस महामारी के समय में देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने वाले राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली और अन्य राज्यों के कोयला उपभोक्ताओं को भारतीय रेलवे के अब तक के सबसे अधिक 38 कोयला रेक भी भेजे हैं।
एनसीएल अपने अधिकांश कोयले को भारतीय रेलवे रेक, मेरी-गो-राउंड (एमजीआर), और बेल्ट पाइप कन्वेयर जैसे पर्यावरण के अनुकूल साधनों के माध्यम से भेजता है। वित्त वर्ष 2020-21 में एनसीएल ने परिवहन के इन साधनों के माध्यम से अपना 87 प्रतिशत से अधिक कोयला भेजा। पर्यावरण को सुरक्षित रखने वाले इस कदम से सड़क से कोयला परिवहन में पिछले वित्त वर्ष में 24 प्रतिशत की कमी देखी गई है।
ऊर्जा की बढ़ती मांग के साथ गति को बनाए रखते हुए, एनसीएल ने वित्त वर्ष 21-22 में 17 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि के साथ अब तक 46.19 मीट्रिक टन कोयला भेजा है। कंपनी को चालू वित्त वर्ष में 119 मीट्रिक टन कोयला उत्पादन और 126.5 मीट्रिक टन कोयला प्रेषण का काम सौंपा गया है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए, कंपनी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्य के कोयला उपभोक्ताओं को आयात के विकल्प के रूप में कोयले की आपूर्ति भी कर रही है।
एनसीएल भारत सरकार की सिंगरौली स्थित मिनीरत्न कंपनी है। यह 10 अत्यधिक मशीनीकृत ओपनकास्ट कोयला खदानों के साथ काम करती है और राष्ट्रीय कोयला उत्पादन में 15 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान देती है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 115 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन किया था।
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