जब विश्व एक मैटेरियल क्रान्ति में प्रवेश कर रहा है जो सेमीकंडक्टर से लेकर क्वांटम टेक्नोलॉजिज तक, उद्योगों के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है, नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने आज “इन्ट्रोडक्शन टू 2डी मैटेरियल्स” शीर्षक की अपनी प्रमुख फ्यूचर फ्रंट क्वार्टरली इनसाइट्स सीरीज का चौथा संस्करण जारी किया। इसे बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के सहयोग से 2डी मैटेरियल्स के महत्व और भारत को इस पर ध्यान क्यों देना चाहिए, इस बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है।
ये 2डी मैटेरियल्स मानव बाल की चौड़ाई का लगभग 1/80,000 गुना, या पेंसिल की नोक से 800,000 गुना छोटे होते हैं। इतने पतले होने के बावजूद, ये स्टील से 200 गुना ज़्यादा मज़बूत होते हैं और तांबे की तुलना में अधिक कुशलतापूर्वक से बिजली का संचालन करते हैं। यह दो-आयामी (2डी) मैटेरियल्स की दुनिया है, एक ऐसा क्षेत्र जो सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग के भविष्य को नया आकार देने में सक्षम है।
फ्यूचर फ्रंट इनसाइट्स अनुकूल नवोन्मेषी इको-सिस्टम, महत्वपूर्ण मैटेरियल्स तक पहुंच में आत्मनिर्भरता और रणनीतिक अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी की तात्कालिकता को रेखांकित करती है।
इसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि शुरुआती निवेश करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए, इसके लाभों में उत्पाद निर्यात के अतिरिक्त ऊर्जा बचत, बौद्धिक संपदा स्वामित्व और रणनीतिक स्वतंत्रता भी शामिल है क्योंकि सिलिकॉन का परिमाण अपनी वास्तविक सीमा के निकट पहुंच रहा है। इसके विपरीत, निष्क्रियता का न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक नुकसान भी है।
भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More
भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment