केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कल नासिक में कई राजमार्ग परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘वर्तमान में महाराष्ट्र के लगभग सभी जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े हुए हैं। नई राजमार्ग परियोजनाओं से नासिक की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।’’ नितिन गडकरी ने केन्द्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल और केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार की उपस्थिति में महाराष्ट्र के नासिक में लगभग 1,678 करोड़ रुपये की लागत से करीब 206 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि सूरत-नासिक-अहमदनगर-सोलापुर से चेन्नई तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को भारत के लिए परियोजना चरण-1 के तहत केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा, ‘‘नासिक-मुंबई राजमार्ग की मरम्मत और नवीनीकरण का कार्य 5,000 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।’’ उन्होंने यह भी घोषणा की कि पिंपरीसाडो से गोंडे तक 20 किलोमीटर के छह लेन और नासिक रोड से द्वारका तक एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।
केन्द्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने नितिन गडकरी के निरंतर कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रयासों से देश विकास की दिशा में एक समग्र पहुंच को देख रहा है।’’
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने कहा, ‘‘आज राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार ने दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में परिवहन को बहुत आसान बना दिया है और दूरदराज के क्षेत्रों को शहर से जोड़ दिया है।’’
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मुख्य विशेषताएं :
यह एक अभिगम नियंत्रण मार्ग है और परियोजना के पूरा होने के बाद सूरत से सोलापुर के बीच की दूरी 95 किलोमीटर कम हो जाएगी और सूरत से चेन्नई की यात्रा की दूरी घटकर लगभग 200 किलोमीटर कम हो जाएगी। परियोजना के 3 साल में पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना से बहुत अधिक ईंधन की बचत होगी और यात्रा के समय में भी कमी आएगी। साथ ही, जैसे-जैसे एक्सप्रेसवे ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरते हैं, रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।
पिंपरी-चिंचवाड़ से गोंडे की दूरी 20 किलोमीटर है। छह लेन के निर्माण के बाद, नासिक निवासी छह लेन सड़क से मुंबई की यात्रा करेंगे। इसकी अनुमानित लागत 600 करोड़ रुपये होगी। इसमें 10 अंडरपास, 3 रॉब और एक सर्विस रोड शामिल है। यह परियोजना मुंबई के लिए तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे कीमती समय और ईंधन की बचत होगी। गोंडे एमआईडीसी द्वारा क्षेत्र के समग्र विकास के साथ-साथ नए उद्योग और रोजगार सृजन प्रदान किया जाएगा। विस्तार और रोजगार में वृद्धि होगी।
नासिक रोड से द्वारका चौक नासिक-पुणे (आर.एम. नं. 50) का एक हिस्सा है और हाल ही में इसे भारतमाला परियोजना में शामिल किया गया है। इस परियोजना से द्वारका चौक पर जाम की समस्या समाप्त हो जाएगी और नासिक रोड से द्वारका तक का सफर आधे समय में पूरा हो जाएगा। द्वारका चौक पर ट्रैफिक जाम के समाधान से हादसों का सिलसिला टूटेगा और सफर सुखद, सुरक्षित और आसान होगा।
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